कोरबा. कुसमुंडा से लेकर बरमपुर मोड़ और सर्वमंगला तिराहे से लेकर तरदा मार्ग पर बुधवार की रात लगी जाम गुरुवार की सुबह ११ बजे तक रही। सड़क पर पहले भारी वाहनों की तीन लेन और फिर चार लेन लग गई। स्थिति ये थी कि बाइक तो दूर की बात पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया।
इस जाम की वजह से सुबह बच्चे स्कूल तक नहीं जा सके। बीच से ही वापस लौटना पड़ गया। कई स्कूलों के बच्चे और अभिभावक सुबह से ही जाम का पता करने लगे थे। भारी जाम को देखते हुए बहुत सारे अभिभावकों ने बच्चों को घर से ही नहीं भेजा था। जो भी इस मार्ग के बीच जाम में फंसा वह फंसकर ही रह गया। आगे पीछे दूर-दूर तक सिर्फ भारी वाहनों की कतार लगी हुई थी। स्थिति ये थी कि किसी तरह आगे बढऩे की होड़ में वाहन जैसे ही निकलते थे फिर जाम में फंस जाते थे।
० समस्या हर दिन की, ठोस हल निकालने इमानदारी से प्रयास नहीं
ये समस्या एक दिन की नहीं है। ऐसा कोई दिन नहीं है जब लोग जाम में न फंसे हों, लेकिन इस जाम से निजात के लिए ठोस हल निकालने इमानदारी से प्रयास नहीं किया जा रहा है। पहले कहा गया कि सड़क बनते ही समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन अब सड़क भी बन गई है तब समस्या और विकराल होते जा रही है।
0 सर्वमंगला पुल के उसपार रहने वाले हजारों लोग परेशान
सर्वमंगला पुल से उसपार रहने वाले हजारों लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं। निगम के बरमपुर वार्ड, इमलीछापर, भैरोताल, आदर्शनगर, एसईसीएल कॉलोनी, नरइबोध, भिलाईबाजार, गेवराबस्ती, कुसमुंडा के अलावा गेवरा व दीपका आने-जाने वाले हजारों लोग इस जाम के शिकार हो रहे हैं। ० वैकिल्पक सड़क में कीचड़, फाटक की वजह से जाम इस मार्ग पर भारी वाहनों की नो एंट्री थी, प्रशासन ने सर्वमंगला तिराहे के पास बेरिकेट्स को हटवा दिया गया। फाटक बंद होने पर भारी वाहन मंदिर से लगे छह सौ मीटर वैकिल्पक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मार्ग बारिश में बदहाल हो गया है। ढलान पर गाडिय़ां फिसल रहे हैं। इस वजह से भारी वाहन अब फाटक खुलने का इंतजार करते हैं। एक बार फाटक खुलने के बाद १०-२० गाडिय़ां ही गुजर पाती हैं।
बेवजह खड़ी गाडिय़ों पर कार्रवाई नहीं
सर्वमंगला से इमलीछापर के बीच बने नई सड़क पर काफी संख्या में भारी वाहन बेवजह खड़े रहते हैं। इनकी वजह से भी जाम की समस्या बन रही है। ऐेसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। हादसे की भी संभावना बन रही है। ० आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन हर रोज लगते जाम की वजह से अब स्थानीय लोग और वाहन चालक भड़क रहे हैं। गुरुवार को अधिक संख्या में ड्रायवरों ने सड़क पर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि रात से ड्रायवर फंसे हुए हैं। हर रोज तीन से चार घंटे इस मार्ग को गुजरने में लग जाते हैं।