- तिलक भवन में मंत्री जयसिंह अग्रवाल की प्रेसवार्ता
कोरबा. राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा के पूर्व कलेक्टर पी दयानंद को निशाने पर लेते हुए कहा कि अब भी वे मेरे टार्गेट में है। दयानंद कोरबा के अब तक के सबसे भ्रष्ट कलेक्टर थे। डीएमएफ में जो घफला किया गया था उसकी हर फाइल अब सरकार खोलेगी। तिलक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में मंत्री जयसिंह ने कहा कि मैनें पहले भी डीएमएफ में आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाया था। अब भी उस पर अडिग हूं। पिछली सरकार ने जांच नहीं कराई थी। भले वह मेरा विभाग नहीं है। फिर भी डीएमएफ की फाइल खुलवाई जाएगी। भले उसके लिए मुझे नोटशीट भी चलानी क्यों न पड़े? जिसने घपला किया है उसे सजा जरूर मिलेगी।
राजस्व मंत्री ने भूविस्थापितों की समस्या पर कहा कि विभाग का चार्ज लेने के बाद कोरबा सहित पूरे प्रदेश में पुनर्वास की समस्या जहां भी है। उस पर जल्द काम शुरू होगा। भूविस्थापितों की समस्या का निदान जल्द से जल्द होगा। शहर के मास्टर प्लान पर मंत्री जयसिंह ने कहा कि शहर का मास्टर प्लान पर जहां भी कमियां होगी। उसे सुधार कर जल्द अमल में लाने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्री ने कहा निगम के अधिकारियों की होगी वापसी
मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम में कांग्रेस के आने के बाद भाजपाईयों ने कोरबा निगम के ज्यादातर अधिकारियों के तबादले करवा दिए गए थे। इसकी वजह से कई कार्य के टेंडर के बाद एलओआई नहीं हो पा रहा है तो कुछ के एग्रीमेंट रोक दिए गए थे। इन्हीं सबकी वजह से भाजपा हारी है। तबादले के बाद उसकी तुलना में पर्याप्त अधिकारी निगम को नहीं मिले। इसके लिए हम प्रयास करेंगे कि ऐसे अधिकारी जिनका रहना जरूरी है उन्हें वापस लाया जाएगा।
50 फीसदी अतिरिक्त संपत्तिकर में छूट का मिल सकता है लाभ
गौरतलब है कि शहर में बढ़ाए गए ५० फीसदी अतिरिक्त टैक्स को मंत्री जयसिंह द्वारा हाइकोर्ट में लगाई गई याचिका पर आदेश के बाद निरस्त कर दिया गया है। राजस्व मंत्री ने कहा कि आदेश के बाद भी भाजपाईयों के कहने पर दो माह तक उसे रोककर रखा गया था। सरकार बदलते ही इसका आदेश कर दिया गया। इधर कांग्रेस के घोषणा पत्र में ५० फीसदी टैक्स कम करने की बात कही गई है। जयसिंह ने कहा कि मेरी कोशिश रहेगी कि उसका भी लाभ शहर के लोगों को मिले, जिससे अतिरिक्त लाभ मिल सके।
शहर से लेंगे सुझाव, फिर हर बिंदु पर शुरू कराएंगे काम
शहर में प्राथमिकता को लेकर राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदूषण कम करना, शहर के बाहर बाइपास तो सबसे बड़ी प्राथमिकता तो है ही। साथ ही हम शहर के हर प्रमुख वर्ग से सुझाव भी लेंगे। उसके बाद हर बिंदु के हिसाब से उस पर काम कराया जाएगा और उन सभी कार्य को ५ साल के भीतर पूरा भी किया जाएगा।