
कोरबा. प्रदेश में चुनाव की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसका असर कई कामों पर पड़ा है। संचार क्रांति योजना के तहत बांटे जाने वाले मोबाइल हैंडसेट के वितरण पर रोक लग गई है। मनरेगा के पात्र करीब पांच हजार मजदूरों को टिफिन डिब्बा नहीं मिल सका है। अफसरों पर दबाव था कि हर हाल में शनिवार की दोपहर तीन बजे तक वितरण पूरा किया जाए। अब अफसर वितरण ना होने वाले सामग्रियों की संख्या को छिपाने में लग गए हैं।
कोरबा जिले में कुल एक लाख ३० हजार हितग्राहियों को स्काई योजना के तहत मोबाइल दिया जाना था। जिसमें शहर के लगभग २५ हजार हितग्राही थे। शहरी क्षेत्र में मोबाइल का वितरण सितंबर तक पूरा हो चुका था। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल का वितरण विलंब से शुरू किया गया। यह कार्य दो चरण में किया जा रहा था। आचार संहिता की घोषणा ने सरकार और अफसरों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है।
बताया जा रहा है कि अब तक २८ हजार से अधिक मोबाइल का वितरण नहीं हो सका है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि इन मोबाइल को अब चुनाव के बाद बांटा जाएगा। लेकिन किस ब्लॉक में कितने ऐसे हितग्राही छूट गए हैं। उसे लेकर अधिकारी कुछ कहने से बच रहे हैं।
दूसरी तरफ जिले में साढ़े २५ हजार मनरेगा के परिवार को टिफिन का वितरण होना था। मनरेगा शाखा के मुताबिक कोरबा, करतला व कटघोरा में ७५ फीसदी टिफिन का वितरण हो चुका है। २५ फीसदी टिफिन को आचार संहिता लगने से पहले ग्राम पंचायत में बंटवा दिया गया था। लेकिन वहां से कितने हितग्राही तक पहुंचा ये अधिकारियेां तक जानकारी नहीं पहुंची है। जबकि पाली और पोड़ी उपरोड़ा के लगभग पांच हजार हितग्राहियों तक टिफिन डिब्बा नहीं पहुंच सका। चुनाव की घोषणा होते ही मनरेगा के अफसरों ने टिफिन वितरण पर रोक लगा दिया। कितने परिवारों को टिफिन डिब्बा नहीं मिला है। इसकी अधिकृत जानकारी विभाग ने नहीं दी है।
आचार संहिता लगते ही पार्टियों के होर्डिंग्स उतारे
आदर्श आचार संहिता लागू होते ही शहर और उपनरीय इलाकों में सरकारी होर्डिंग्स को हटाने का काम चालू हो गया है। कोरबा, कटघोरा, दीपका, छुरी में देर रात तक होर्डिंग को हटाया गया। आचार संहिता का पालन करने के लिए आयुक्त रणबीर शर्मा ने जोनवार गठित टीम गठित की है। टीम ने शहर के निहारिका, घंटाघर चौक, बुधवारी मार्ग, सीएसईबी चौक , दर्री मार्ग समेत अन्य जगह लगे पार्टियों के होर्डिंग्स को हटवाया। सार्वजनिक सम्पत्ति में किसी भी प्रकार का दीवार लेखन, पोस्टर, पेपर, कट आउट, अवैध होडिंग, बैनर को लगाने से मना किया है। पहले से होर्डिंग्स को हटाने या ढकने के लिए कहा है। जरूरत पडऩे पर पोताई करने के लिए कहा है। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में टीम द्वारा देरशाम तक होर्डिंग्स निकाला गया। सक्रियता रहेगी।
सीएमएचओ ने एएनएम की भर्ती की निरस्त
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत वॉक इन इन्टरव्यू की संशोधित सूचना को आचार संहिता लागू होने के कारण स्थगित कर दिया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि आठ अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत सेकंड एएनएम पद के लिए समस्त संवर्गों से आवेदन आमंत्रित किया गया था एवं 10 अक्टूबर को पात्र-अपात्र की सूची एवं दावा आपत्ति निराकरण किया जाना था। 11 अक्टूबर को पात्र उम्मीदवारों का कौशल परीक्षा होना था। इसे टाल दिया गया है। बताया जाता है कि इसपर निर्णय चुनाव के बाद लिए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर कई दिनों से भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी।
लाइटअप का कार्यक्रम करना पड़ा निरस्त
इधर महापौर और विधायक को शहर के कई मुख्य मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइट व हाइमास्ट के लाइटअप के कार्यक्रम में शनिवार की शाम शामिल होना था। लेकिन आचार संहिता लगने के बाद इन कार्यक्रम को निरस्त करना पड़ा। लाइट जनता के लिए जरूरी है या नहीं। इसका निर्णय निगम प्रशासन को लेना है। इसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
पेट्रोल- डीजल रिर्जव रखने के आदेश
कलेक्टर ने पेट्रोल, डीजल की आवश्यकता को देखते हुए जिले के सभी पेट्रोल पंपों में डेड स्टाक को छोड़कर एक हजार लीटर पेट्रोल एवं दो हजार लीटर डीजल रिजर्व स्टाक में रखने का आदेश पंप मालिकों को दिया है।