- पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने कर्जा एक्ट की धारा चार के तहत केस दर्ज किया है
कोरबा. सूदखोर और कपड़ा कारोबारी घनश्याम पारिक के खिलाफ पुलिस ने कर्जा एक्ट का केस दर्ज किया है। आरोपी पर डेढ़ लाख रुपए के बदले १५ लाख रुपए देने के बाद भी बंधक के तौर पर रखे गए पासबुक और कार्ड नहीं लौटाने और मूलधन मांगने का आरोप है। पुलिस ने बताया है कि आजाद नगर बरमपुर निवासी हृदयलाल यादव की रिपोर्ट पर घनश्याम के खिलाफ कर्जा एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। वर्ष २००९ में हृदयलाल ने बेटे की शादी के लिए घनश्याम से एक लाख रुपए नगद और ५० हजार रुपए का कपड़ा लिया था।
कर्ज के बदले घनश्याम ने हृदयलाल की एटीएम कार्ड पासबुक को बंधक के तौर पर रख लिया था। सात-आठ ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर भी कराकर रख लिया था। हृदयलाल ने बताया है कि वह प्रतिमाह पारिक को ब्याज और मूलधन की कुछ राशि लौटाता था। अभी तक किस्तों में १५ लाख रुपए लौटा चुका है। इसके बाद भी पारिक पैसे की मांग कर रहा है। एटीएम और पासबुक नहीं लौटा रहा है। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने कर्जा एक्ट की धारा चार के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी की ट्रांसपोर्ट नगर में पारिक टेक्सटाइल की दुकान है। हाल में हृदयलाल एसईसीएल से रिटायर्ड हुआ है। उसके एक खाते में डेढ़ लाख रुपए थी। उसे भी घनश्याम ने रख लिया है।
पिछले माह एसपी से हुई थी शिकायत
सूदखोरी से परेशान लोगों ने पिछले माह एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें घनश्याम पर सूदखोरी का आरोप लगाया गया था। शिकायत हृदयलाल के अलावा आधा दर्जन से अधिक लोगों ने भी की है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।