CG News: कोरबा जिले में विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत गांव बंजारी की रहने वाली एक गरीब महिला अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र सुधरवाने के लिए कार्यालय का चक्कर काट रही है।
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत गांव बंजारी की रहने वाली एक गरीब महिला अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र सुधरवाने के लिए कार्यालय का चक्कर काट रही है लेकिन अभी तक जन्म प्रमाण पत्र इसलिए नहीं सुधर पाया है कि उसके पास प्रमाण पत्र में सुधार करने वाले कर्मचारी को घूस देने के लिए रुपए नहीं हैं। अपने दर्द के बयां करती महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें महिला की आंखें भी आंसुओं से भर जा रही है।
महिला का नाम अमिषा धनुहार है जो ग्राम पंचायत बंजारी की रहने वाली है। महिला ने अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया है लेकिन इसमें कुछ त्रुटि हो गई है। अब महिला अपने बच्चे का प्रमाण पत्र सुधरवाने बंजारी के उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। वहां कार्यरत महिला स्टाफ ने अमिषा से 500 रुपए की मांग किया। यह भी कहा कि वह जब तक पैसे नहीं देगी तब तक उसे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध् नहीं कराया जाएगा।
लाचार मां रिश्वतखोर महिला कर्मचारी की मांग को पूरा करने के लिए सरकार से पीडीएस दुकान के जरिए मिलने वाले चावल को बेच दिया। वह भी इस उम्मीद के साथ कि इस राशि को घूस के तौर पर देकर वह बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र सुधरवा लेगी। जिस समय यह महिला सुधार कार्य कराने के लिए पहुंची थी उसी समय वहां मौजूद एक व्यक्ति से मुलाकात हुई।
पूछने पर महिला ने अपनी व्यथा बताई। इसी दौरान उसकी आंसू छलक गए। सोशल मीडिया में महिला का वीडियो वायरल हो रहा है। अमिषा का 10 माह पुत्र है। जन्म के बाद भी अमिषा ने कर्मचारी को 500 रुपए रिश्वत देकर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र लिया था। अब सुधरवाने के लिए भी रिश्वत मांगे जाने से महिला निराश है।