ग्रामीणों पर हाथियों को कहर जारी
कोरबा. शनिवार की सुबह करतला विकासखण्ड के ग्राम सकदुकला में दंतैल ने फिर एक वृद्ध महिला की जान ले ली है।
ग्रामीण नेवरथिन बाई उम्र 60 वर्ष प्रतिदिन की भांति गांव से कुछ दूरी पर जंगल से लगे टिकरा में डोरी बीनने गयी थी। ठीक इसी दौरान उनका अचानक हांथी से सामना हो गया। महिला को देखते ही हाथी आक्रामक हो गया। उसने दौड़ाकर महिला को अपने चपेट में ले लिया। महिला ने भी भागने का प्रयास किया लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकी। हाथी ने महिला को पटक कर मार डाला। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों क भीड़ जमा हो गई। वन अमले को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है।
हाथी प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग द्वारा रोज मुनादी करा कर सूचना दिया जा रही है। इसके बावजूद लोग जंगल जाना नही छोड़ रहे हैं। हाल फिलहाल में हाथी के हमले से यह तीसरी घटना है। जिसमें ग्रामीण की मौत हुई है। हर मौत के बाद वन अमला मूक दर्शक बना हुआ है। जबकि दंतैल हाथियों के हमले से होने वाली मौत की घटनाएं लगातार जार है।
कुछ दिन पहले इनकी हुई थी मौत
पिछले गुरुवार की सुबह घर से जंगल की ओर दो किमी दूर टॉयलेट के लिए गई एक बुजुर्ग महिला की हाथी के हमले से मौत हो गई। सप्ताह भर में हाथियों के हमले से यह दूसरी मौत थी।
यह घटना भी करतला की ही है। जहां निवासरत रमशीला राठिया 60 वर्ष स्थानीय ग्राम पीडिय़ा निवासी गुरुवार की सुबह जंगल के भीतर लगभग दो किमी अंदर टॉयलेट के लिए गई हुई थी। इसी बीच उसका सामना हाथियों के झुंड से हो गया। हाथी के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
हाथियों ने उसके शरीर को बुरी तरह कुचल दिया। गंभीर अवस्था में उपचार के लिए करतला के स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। पिछले दिनों हाथी ने रेंज में आम बीनने गए बुजुर्ग को पटक-पटक के मार डाला था। वन विभाग के मुताबिक इस रेंज में अभी भी 25 हाथियों का झुंड भटक रहा है।
चटनी के लिए आम तोडऩे गए ग्रामीण को गंवानी पड़ी जान
इसी तरह पिछले शनिवार को चटनी के लिए आम तोडऩे गए ग्रामीण का सामना दंतैल हाथी से हो गया। जिस जगह पर ग्रामीण आम तोड़ रहा था उसके थोड़ी ही दूर पर दो दंतैल हाथी कटहल खा रहा थे। जिसकी नजर ग्रामीण पर पड़ गई। बुजुर्ग बचने के लिए भागने की कोशिश की। लेकिन दंतैल ने उसे सूंड से उठाकर फेंक दिया। घटनास्थल पर ही बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई।
घटना कोरबा वनमंडल के करतला रेंज के ग्राम चांपा की है। चांपा निवासी घुसीराम राठिया 60 वर्ष शनिवार की सुबह आम तोडऩे गया हुआ था। बुजुर्ग गांव से दो किलोमीटर दूर पंडरीपानी पहुंच मार्ग पर बडख़ा टिकरा में आम व महुआ फल बीनने गया हुआ था। घुसीराम आम बीनने में मशगूल था। आम पेड़ के पास ही दो दंतैल हाथी कटहल खा रहे थे। हाथी की नजर घुसीराम पर पड़ गई।
हाथियों को देखकर घुसीराम भागने लगा। हाथी ने बुजुर्ग को सूंड से उठाकर पटक दिया। हाथी के हमले में घुसीराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जंगल गए अन्य ग्रामीणों ने घुसीराम का शव देखा और इसकी जानकारी परिजनों और वन विभाग के अधिकारियों को दी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। करतला पुलिस ने भी वैधानिक कार्रवाई उपरांत विवेचना प्रारंभ कर दी है। हाथी के हमले में हुई ग्रामीण की मौत के बाद लोगों में दहशत है।
25 हजार के तत्कालिक मुआवजे का है प्रावधान
हाथी के हमले से होने वाली मौत की घटनाओं में वन अमले द्वारा तत्कालिक तौर पर 25 हजार के मुआवजे का प्रावधान है। मुआवजा देने के अधिकारियों व कर्मचारियों को हाथियों के लोकेशन के लिए हाथी मित्र दल को अलग-अलग पालियों में लगाने, ग्रामीणों को भी जंगल के भीतर न जाने को मुनादी कराने को कहा गया है जैसी औपचारिकताएं भी विभाग द्वारा पूरी की जाती हैं।