विधानसभा की कोरबा सीट की गिनती हाई प्रोफाइल सीट में होती है। जब से यह सीट अस्तित्व में आई है यहां से कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। भाजपा के सिर इस सीट पर जीत का सेहरा कभी नहीं सजा है। शायद यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी कोरबा सीट पर हर बार अपना उम्मीदवार बदलती रही है।
अबकी बार भाजपा ने लखनलाल देवांगन पर दांव लगाया है। देवांगन पूर्व में कटघोरा से विधायक रहे चुके हैं। इस बार उनका सीधा मुकाबला इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी जयसिंह अग्रवाल से है, जो 2008 में कोरबा सीट से पहली बार कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गए थे। इस सीट पर विजय हासिल करने के बाद जयसिंह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराया।
इस बार भी कांग्रेस ने जयसिंह को चौथी बार कोरबा सीट पर प्रत्याशी घोषित किया है। उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लखनलाल देवांगन से है। देवांगन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा आगे कर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव प्रचार में देवांगन केन्द्र सरकार की उपलब्धियां गिनाकर कर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं।
पार्टी की चुनावी घोषणा पत्र के बारे में मतदाताओं को जानकारी दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी और प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कोरबा के विकास के लिए किए गए कार्यों के बल पर चुनाव में मैदान में हैं। विभिन्न समाजों के बीच अग्रवाल की मजबूत पैठ है।
उनके कार्यकाल में कोरबा मेडिकल कॉलेज बना। 1320 मेगावाट नया पॉवर कोरबा पश्चिम में प्रस्तावित हुआ। सड़कों का विकास हुआ। विधानसभा क्षेत्र में किए गए कार्यों को गिनाकर जयसिंह वोट मांग रहे हैं।
क्या हुआ था 2018 में
2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कोरबा सीट से पूर्व सांसद डॉ. बंशीलाल महतो के पुत्र विकास महतो को चुनाव में उतारा था। दोनों के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। एक लाख ६० हजार ९९९ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया था।
कांग्रेस प्रत्याशी जयसिंह को 70 हजार 119 मत प्राप्त हुए थे, जो कुल मत का 43.28 फीसदी था। जबकि भाजपा के विकास महतो को 58 हजार 313 वोट मिले थे। यह कुल विधि मान्य मत का 35.99 फीसदी था। भाजपा के उम्मीदवार 7.29 फीसदी वोटों के अंतर के चुनाव हार गए थे।
कांग्रेस ने 11 हजार 806 वोट से कोरबा सीट जीत लिया था। यह तब हुआ था, जब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की ओर से चेम्बर ऑफ कॉमर्स के तत्कालीन अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल चुनाव मैदान में थे। उन्होंने 20 हजार 938 वोट प्राप्त किया था, जो वैध मत का 12.12 फीसदी था।
उलटफेर की स्थिति
इस बार जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ कोरबा सीट पर पूरन लाल साहू को मैदान में उतारा है। यदि पूरन पूर्व के रामसिंह से अधिक मत प्राप्त करते हैं तो इससे कांग्रेस और भाजपा दोनों की परेशानी बढ़ सकी है। इसलिए दोनों पार्टियां जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के वोटरों पर डेरा डाल रही है।
उन्हें साधने की कोशिश कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इधर आम आदमी पार्टी ने विशाल केलकर को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछलीबार भी विशाल केलकर चुनाव मैदान में थे लेकिन कुछ बड़ा नहीं कर सके थे। इसबार आम आदमी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके साथ-साथ कोरबा की हाई प्रोफाइल सीट पर डेढ़ दर्जन से अधिक उम्मीदवार भी है।