पहले दिन स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में टीकाकरण
कोरबा. 15 साल तक के बच्चों को मिजल्स रूबेला की वैक्सीन लगाई जाएगी। इसकी औपचारिक शुरूवात शनिवार से जिल में की गई। साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चों को मिजल्स रूबेला की वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। दो हजार 685 स्कूलों के अलावा सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में वैक्सीन लगाई जाएगी।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस सिसोदिया ने बताया कि अभियान के तहत नौ माह से 15 साल तक के सभी बच्चों को मीजल्स रूबेला के टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए तीन लाख 50 हजार 370 बच्चों को चिन्हित किया गया है। टीकारण अभियान छह अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम अलग अलग दिन स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों मेें पहुंचकर बच्चों को टीका लगाएगी। टीम एक हजार 270 आउट रीच स्थानों पर भी जाएगी।
पहले छह अगस्त को होनी शुरूवात
पहले इस अभियान की शुरूवात छह अगस्त को होनी थी। लेकिन स्वास्थ्य संयोजकों की हड़ताल के कारण अभियान को टाल दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावक से टीकाकरण में शामिल होने के लिए कहा है।
गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचाव
मीजल्स -रूबेला वायरस से गंभीर और जानलेवा बीमारी होती है। गर्भावस्था में मीजल रूबेला हो जाए तो गर्भापात की आशंका बढ़ जाती है। बच्चों में जन्मजात विकृतियां होती है। इसकी रोकथाम के लिए भारत सरकार ने गंभीरता दिखाई है। छत्तीसगढ़ में भी मीजल रूबेला की रोकथाम के लिए मुहिम चालू की जा रही है।
तीन बीमारियों से रक्षा
मीजल, मंप्स और रूबेला (एमएमआर) जानलेवा वायरस है। लेकिन इसकी रोकथाम टीकाकरण के जरिए की जा सकती है। एमएमआर रूबेला का टीका बच्चों को तीन बीमारियों खसरा, गलगंड (मंप्स) और रूबेला से बचाता है।
लक्षण
खसरा:
01. खसरा के वायरस से ददोरा, खांसी, नाक का बहना, आंखों में जलन और तेज बुखार
02. कानों में संक्रमण, नीमोनिया, बच्चों को झटका आना, घूरती आंखे, दिमाग को नुकसान और अंत में मौत तक हो जाती है।
मंप्स: 01. मंप्स से सिर में दर्द, तेज बुखार, मांस पेशियों में दर्द, भूख नहीं लगना, ग्रंथियों में दर्द
02. बांधपन, दिमागी बुखार
रूबेला: 01. महिलाओं में आथ्राइटिस और हल्का बुखार
02. महिला को रूबेला होने पर गर्भावस्था में गर्भपात का खतरा, बच्चों में जन्मजात दोष जैसे सिर का बड़ा होना कटे फेट अंग
हवा मेें फैलता है वाइरस
मीजल्स, मंप्स और रूबेला वायरस का वायरस हवा में फैलता है। यदि कोई मरीज पहले से संक्रमित है तो इसका वायरस स्वस्थ व्यक्ति को निशाने पर लेता है।