
Chhattisgarh Police Transfer: छत्तीसगढ़ में इन दिनों लगातार प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है। विभिन्न विभागों में तबादलों के बीच अब पुलिस विभाग में भी बड़ा बदलाव किया गया है। कोरबा जिले में बढ़ते अपराधों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (SP) ने थाना प्रभारियों समेत कई निरीक्षक, उप निरीक्षक (SI) और सहायक उप निरीक्षक (ASI) के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले के बाद जिले के कई थानों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
कोरबा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार अपराध, मारपीट और सरेआम हत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही थीं। इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए थाना प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।
एसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कोरबा कोतवाली थाना प्रभारी एम. बी. पटेल को उनके वर्तमान पद से हटाकर कटघोरा थाना का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी को अब कोरबा कोतवाली का नया थाना प्रभारी (TI) नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि जिले के सबसे महत्वपूर्ण थानों में शामिल कोतवाली में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।
जारी आदेश के तहत निरीक्षक मनोज कौशिक को रक्षित केंद्र कोरबा से थाना पाली संबद्ध किया गया है। वहीं, उप निरीक्षक शिव कुमार कोसरिया को रक्षित केंद्र कोरबा से थाना सिविल लाइन रामपुर भेजा गया है। सहायक उप निरीक्षक धनंजय जाटवर का तबादला थाना बालकोनगर से थाना सिविल लाइन रामपुर किया गया है। इसके अलावा अनिल खाण्डे और शनि कुमार का भी स्थानांतरण कर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पुलिस विभाग का मानना है कि नए अधिकारियों की नियुक्ति से अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी और संवेदनशील थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बेहतर होगी। हाल के दिनों में कोतवाली क्षेत्र में हुई आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले दुर्ग जिले में भी पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया था। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने एक साथ 10 थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए थे। जारी सूची के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) समेत कई प्रमुख थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया था। लगातार हो रहे इन प्रशासनिक फेरबदलों को प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।