श्रमिक के 60 साल की उम्र पूरी होने तक आश्रित को दी जाएगी।
कोरबा. कोल इंडिया में अनुकंपा नौकरी नहीं करने पर आश्रित परिवार को अधिकतम 26 हजार 292 रुपए की सहायता राशि हर माह मिलेगी। यह राशि श्रमिक के 60 साल की उम्र पूरी होने तक आश्रित को दी जाएगी। कोल इंडिया ने पोस्ट रिटायरमेंट स्कीम में शामिल होने की अवधि भी दिसंबर तक बढ़ा दी है।
पिछले माह कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता में स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में आठ मुद्दों पर प्रबंधन और यूनियन के बीच सहमति बनी थी। इसके पखवाड़े भर बाद प्रबंधन ने बैठक की मिनट्स जारी कर दिया है। लेकिन छह ही बिन्दुओं पर अमल की जानकारी दी है। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम का है।
प्रबंधन ने श्रमिक संगठनों की मांग की सेवा निवृत्त कर्मचारियों के लिए मेडिकल स्कीम में शामिल होने की अवधि 31 दिसंबर 2018 तक के लिए बढ़ा दी है। 30 जून 2016 से पहले कोयला खदान से सेवानिवृत्त कर्मचारी 40 हजार रुपए जमा करके नई स्कीम में शामिल हो सकते हैं।
जून 2016 से बाद सेवानिवृत्त होने वाली सभी कर्मचारी मेडिकल स्कीम के सदस्य होंगे। उन्हें कंपनी सालाना आठ लाख रुपए तक का इलाज कराएगी। हालांंकि गंभीर बीमारियों के लिए खर्च की सीमा निर्धारित नहीं है।
कंपनी ने सेवा काल में मृत्यु को प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के आश्रित को भी केटेगरी 01 का वेतन देने का निर्णय लिया है। सर्कुलर में बताया गया है कि आश्रित को अधिकतम 26 हजार 292 रुपए 97 पैसे का भुगतान प्रतिमाह किया जाएगा। यह राशि मृत्यु को प्राप्त करने वाले कर्मचारी के 60 साल की उम्र तक मिलेगी। कंपनी के सुपरविजन से जुड़े अफसरों के ओवर टाइम की गणना अधिकतम 39 हजार 555.14 रुपए की बेसिक से की जाएगी।
अभी तक तक ओटी की गणना 23 हजार 638 रुपए के बेसिक पर की जा रही थी। कंपनी ने छोटी-बड़ी एलटीसी की गणना के लिए भी मिनट्स जारी किया है। इसमें भूमिगत कोयला खदान में 190 दिन की ड्यूटी और ओपेन कॉस्ट में 240 दिन की ड्यूटी को आधार बनाया गया है। इतनी ड्यूटी पर कर्मचारी को चार साल में दो बार भारत भ्रमण के लिए एलटीसी दी जाएगी। इसके लिए अलग से अवकाश की जरूरत नहीं होगी। कंपनी ने विकलांग कर्मचारियों के लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी 49. 50 रुपए प्रतिदिन कर दिया है।
ओएनजीसी की तर्ज पर कोल इंडिया में भी फेलिकेशन स्कीम लागू करने की उठी मांग
कोरबा. ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कोयला एक्जीक्यूटिव्स (एआईएसीई) ने कोल इंडिया में सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ओएनजीसी की तर्ज पर फेलिकेशन स्कीम को अपनाने की मांग की है। इसके लिए कोयला मंत्री और सीआईएल को पत्र लिखा है।
बताया है कि पेंशन योजना सीएमपीएस 1998 को लागू करने के 20 साल बाद, पेंशन में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। सीआईएल की कमजोर जनशक्ति शक्ति और पेंशनभोगियों की संख्या में कमी की बदली हुई स्थिति में टिकाऊ बनाने के लिए प्रत्येक तीन वर्षों में योजना की समीक्षा करने के प्रावधान थे। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।