वोटरों ने अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पसंद लिखकर डिब्बे में डाली। अधिक वोट के लिए पार्टी नेताओं के बीच गहमागहमी का माहौल रहा।
कोरबा. भाजपा के दावेदारों की किस्मत डिब्बे में बंद कर पर्यवेक्षक रायपुर ले गए। रविवार को पार्टी कार्यालय में नेताओं और उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। दोपहर बाद वोटिंग शुरू हुई। वोटरों ने अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पसंद लिखकर डिब्बे में डाली। अधिक वोट के लिए पार्टी नेताओं के बीच गहमागहमी का माहौल रहा।
भाजपा ने इस बार प्रत्याशी चुनने के लिए हर विधानसभा से संभावित दावेदारों के बीच स्थानीय कार्यकर्ताओं व पार्टी के शीर्ष नेताओं से मत डलवाए गए। चुनाव में प्रत्याशी को उतारने से पहले अपनी ही पार्टी में दावेदार कितने सक्रिय और कार्यकर्ताओं की पसंद है इसके लिए विधानसभावार वोट डाले गए। रविवार को टीपीनगर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रक्रिया दो बजे से शुरू हुई।
पर्यवेक्षक के रूप में खादी बोर्ड के अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कृष्ण मूर्ति बांधी, पूर्व जिलाध्यक्ष जांजगीर लीलाधर सुल्तानिया पार्टी कार्यालय पहुंचे। सभागार के बाहर विधानसभावार अपेक्षित वोटर सूची चस्पा की गई थी। सबसे पहले कोरबा विधानसभा के लिए वोटिंग हुई। ७९ वोटरों ने अपना मत दिया। इसी तरह पाली में भी ७९ , कटघोरा में सबसे अधिक ८४ और रामपुर विधानसभा में ७३ ने अपनी पसंद लिखकर डिब्बे में डाली। दोपहर लगभग ४ बजे तक चली प्रक्रिया के दौरान कार्यालय परिसर में पार्टी के नेताओं के बीच गहमागहमी रही। अपने पक्ष में वोट के लिए नेताओं के बीच लॉबिंग चलती रही।
कोरबा में दावेदारों की संख्या 10 से अधिक
कोरबा विधानसभा में दावेदारों की संख्या सबसे अधिक है। अब तक १० दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें सांसद डॉ बंशीलाल महतो, कोषाध्यक्ष विकास महतो, जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, डॉ राजीव सिंह, नवीन पटेल, हित्तानंद अग्रवाल, बनवारी लाल अग्रवाल, देवेन्द्र पांडे, मनोज परासर दावेदारों की दौड़ में हैं। हालांकि जिन पांच के नाम की चर्चा तेज है उनमें विकास महतो, नवीन पटेल, अशोक चावलानी, हित्तानंद अग्रवाल और डॉ राजीव सिंह शामिल है। इनमें से टॉप तीन के नाम मुख्यालय जाएगी। इसके बाद ही कुछ फैसला हो सकेगा।
पाली-तानाखार के दावेदार हुए निराश
विधायक रामदयाल उइके के भाजपा प्रवेश के बाद पाली तानाखार से संभावित दावेदारों में निराशा छा गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष देवी सिंह टेकाम, श्यामलाल मरावी, किरण मरकाम के बीच दावेदारी की होड़ चल रही थी। लेकिन उइके के अचानक भाजपा में आने के बाद पूरी तरह से समीकरण बदल गया है।
कटघोरा से लखन के साथ दो अन्य दावेदार
कटघोरा विधानसभा से संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन, ज्योतिनंद दुबे और कटघोरा मंडल के महामंत्री आत्मानारायण पटेल प्रमुख रूप से दावेदार माने जा रहे हैं। लखन और ज्योतिनंद दोनों के बीच अब तक सीधी टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन पटेल के आने के बाद अब मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है।
रामपुर में ननकी व राठिया समाज के दो दावेदार
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को रामपुर विधानसभा से राठिया समाज के दो दावेदार टक्कर देने में लगे हैं। टिकेश्वर राठिया के साथ-साथ जनपद पंचायत अध्यक्ष रेणुका राठिया दोनों ही ननकीराम कंवर को चुनौती दे रहे हैं। राठिया समाज के वोट बैंक के साथ-साथ ननकीराम कंवर के पिछली हार को वजह बता रहे हैं। हालांकि रामपुर से ननकीराम कंवर बीजेपी का बड़ा चेहरा है। पिछले छह से अधिक चुनाव में ननकीराम ही बीजेपी के चेहरे रहे हैं।