नागेश्वर काली मंदिर गोदरीपारा खेल मैदान का मामला, मंदिर के पुजारी ने बताया लगा जैसे भूकंप आ गया
चिरमिरी. एसइसीएल कुरासिया कॉलरी की अंडर ग्राउंड माइंस में कोयला उत्खनन करने शुक्रवार द्वितीय पाली में हैवी ब्लास्टिंग से नागेश्वर काली मंदिर गोदरीपारा मैदान की जमीन धंस चुकी है और मैदान में करीब 30 मीटर लंबी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
चिरमिरी स्थित कुरासिया कॉलरी की द्वितीय शिफ्ट में काम करते समय शाम को हैवी ब्लास्टिंग की गई थी। इसकी कंपन से मंदिर के पीछे खेल मैदान में बड़ी-बड़ी दरार पड़ चुकी है। जिससे आवारा मवेशी व मैदान में खेलने वाले बच्चे फंस सकते हैं। मैदान के चारों ओर फेंसिंग नहीं कराने से दुर्घटना भी हो सकती है।
नागेश्वर काली मंदिर के पुजारी के अनुसार मैदान में उस समय दरारें पड़ीं, जब अंडर ग्राउंड माइंस में हैवी ब्लास्टिंग होने के कारण मंदिर भी भूकंप की तरह कांप गया था। मैदान में हर समय बच्चे से लेकर वृद्ध तक खेल, योगा, इवनिंग वाक, मार्निंग वाक करने पहुंचते हैं। मैदान धंसने के कारण टूर्नामेंट भी बगैर मरम्मतीकरण के नहीं हो सकता है।
सब एरिया मैनेजर ने ग्राउंड में जाने पर लगाया प्रतिबंध
गोदरीपारा खेल मैदान के नीचे एसइसीएल कुरासिया समूह की भूमिगत खदान संचालित है। मैदान में बना मंच भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही कुरासिया उपक्षेत्रीय प्रबंधक अनीस अहमद ने धंसान प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान मैदान को देखकर अधिकारियों ने खदान बैठने का अंदेशा भी लगाया है।
फिलहाल इस स्थल पर लोगों को जाने से मना किया गया है। वहीं उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने लाइटिंग व्यवस्था को बंद करने करने एसइसीएल के कर्मचारी को तत्काल निर्देश दिए।
प्रबंधन ने मैदान की निगरानी करने तैनात किया कर्मचारी
सब एरिया मैनेजर अहमद ने बताया कि क्षतिग्रस्त मैदान की फेंसिंग होने तक निगरानी करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं टूर्नामेंट कराने वाली समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य महाप्रबंधक से तत्काल मंच सहित मैदान का मरम्मत कर सौंदर्यीकरण कराने की गुहार लगाई है। इससे 24 घंटे अनवरत चलने वाले मैदान में खेलकूद और अन्य गतिविधियां चलती रहेंगी।