CG Tiger News: बैकुंठपुर जिले में मरवाही के जंगल में विचरण करने वाला बाघ एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ से खडग़वां वनपरिक्षेत्र की सीमा क्षेत्र के जंगल में पहुंच गया है।
CG Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर जिले में मरवाही के जंगल में विचरण करने वाला बाघ एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ से खडग़वां वनपरिक्षेत्र की सीमा क्षेत्र के जंगल में पहुंच गया है। मामले में वन महकमा ड्रोन से जंगल में बाघ का लोकेशन ट्रैप करने में जुटा है। साथ ही ग्राम पंचायत भौंता के नजदीक जंगल में लोकेशन मिलने के कारण गांव में मुनादी कराई गई।
CG Tiger News: वहीं वन अमला अलाव जलाकर रात्रि गश्त और निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के पास तीन बकरियों पर हमला कर दिया है। जिसमें एक बकरी की मौत हो चुकी है। मामले में वन संरक्षक वन्यप्राणी अंबिकापुर मनेंद्रगढ़ और मरवारी वनमंडल में बाघ मूवमेंट की जानकारी ले रहे हैं।
साथ ही आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को रात में घर से बाहर नहीं निकलने मुनादी करा रहे हैं। ग्रामीण भी मवेशी चराने जंगल की ओर नहीं जा रहे हैं। रविवार शाम को भौंता से कोड़ा पहुंच गया है। इस बीच एक गाय और भैंस को अपना शिकार बनाया गया। यह एरिया कोरिया वनमंडल के खडग़वां परिक्षेत्र में आता है।
वनमंडल मनेंद्रगढ़ के डीएफओ मनीष कश्यप ने सीमा क्षेत्र के जंगल में बाघ विचरण की खबर मिलने के बाद बिजली काटने कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल को पत्र लिखा है। क्योंकि कई बार ग्रामीण करंट फैलाकर जंगली जानवरों का शिकार करते हैं। ईई एनपी सिंह ने कहा कि बाघ की सुरक्षा को ध्यान में रखकर शनिवार से बंजी-बंदेली फीडर से बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इस फीडर से 7-8 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। टाइगर के मूवमेंट पर ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।
बाघ मूवमेंट को लेकर ऐसी चर्चा है कि मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से टाइगर विचरण करते पहुंच गया है। अमरकंटक से पेंड्रा एरिया का जंगल लगा हुआ है। जिससे विचरण कर पेंड्रा में भैंस को अपना शिकार बनाया था। फिर मरवाही जंगल से होकर मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में पहुंचा है।
वनपरिक्षेत्राधिकारी अर्जुन सिंह ने कहा की खडग़वां बाघ अभी विचरण करते हुए कोड़ा में पहुंच गया है। एक गाय को अपना शिकार बना लिया है। हमारी टीम मौके पर पहुंची है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने मुनादी करा रहे हैं। डीएफओ मनेन्द्रगढ़ मनीष कश्यप ने कहा की रायपुर से बाघ की निगरानी करने 5 टीम आई है। टीम ट्रेंकुलाइज नहीं करेगी। अभी यह भी पता नहीं चल पाया है कि बाघ है या बाघिन।