
बैकुंठपुर/मनेंद्रगढ़. Encroachment on forest land: एमसीबी जिले के नगर पंचायत खोंगापानी के अध्यक्ष धीरेंद्र विश्वकर्मा के खिलाफ वनभूमि पर अवैध तरीके से कब्जा कर निर्माण कराने के मामले में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा करीब 2 एकड़ वनभूमि पर कब्जा किया गया था। इसके बाद वहां निर्माण कार्य चल रहा था। मामला सामने आने के बाद वन अमले ने अवैध अतिक्रमण को ढहा कर कब्जा मुक्त करा लिया है।
नगर पंचायत खोंगापानी में पुलिस चौकी के पीछे भैंसासुर नाला के पास वन भूमि लगभग 2 एकड़ है। जिसमें नपं अध्यक्ष ने मनमाने तरीके से कब्जा कर लिया और मजदूर लगाकर निर्माण करा रहा था।
करीब 0.168 हेक्टेयर की भूमि पर कब्जा कर चुके थे। वार्ड क्रमांक 4, 8, 9 व 10 के निस्तारण के लिए भैसासुर नाला पर स्टापडेम बनवाया जा रहा था। नाले से लगी जमीन खाली पड़ी थी। इसका स्थानीय नागरिक निस्तार के लिए उपयोग करते थे। जब भैसासुर नाला के पास आरसीसी डैम बनाने का काम शुरु किया गया।
उसी समय नगर पंचायत अध्यक्ष विश्वकर्मा ने मौका देख खाली जमीन पर अतिक्रमण करना शुरु कर दिया था। मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी। फिर वन विभाग ने मौके पर पहुंच कर अतिक्रमण हटाया और निर्माण सामग्री जब्त कर ली है।
नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), ग के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। गौरतलब है कि अवैध निर्माण स्थल पर नगर पंचायत खोंगापानी का टैंकर खड़ा था। इसे देखकर स्थानीय लोग नगर पंचायत के पानी से बाउंड्रीवाल निर्माण कराने का अनुमान लगा रहे हैं।
वन अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई
वन भूमि पर नगर पंचायत खोंगापानी अध्यक्ष धीरेंद्र विश्वकर्मा द्वारा अवैध तरीके से अतिक्रमण करने की सूचना मिली थी। मामले में मौके पर वन अमले के साथ अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
लक्ष्मी नारायण ठाकुर, एसडीओ फॉरेस्ट मनेंद्रगढ़
नपं पर आरोप निराधार
अवैध अतिक्रमण में नगर पंचायत से किसी प्रकार का सहयोग नहीं था। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो वह निराधार है। हमने तो बारिश का समय नजदीक आ रहा है। इसलिए स्टापडेम का काम करा रहे थे।
तरुण कुमार एक्का, सीएमओ खोंगापानी