प्री-पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का मामला, दुखड़ा लेकर कलक्टर से मिलने पहुंची थीं 6वीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राएं
बैकुंठपुर. प्री-पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास कटगोड़ी की काफी संख्या में छात्राएं अधीक्षिका की शिकायत लेकर कलक्टर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान कलक्टोरेट में बैठकर छात्राओं ने कहा कि अधीक्षिका को हॉस्टल से हटाने के बाद ही हम छात्रावास जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारी अधीक्षिका काफी खतरनाक है, उसे हमारा नाम मत बताइएगा, नहीं तो वह कुछ भी कर सकती है। छात्राओं का ये दुखड़ा सुन कलक्टर ने छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत सदस्य शरण सिंह के नेतृत्व में सोमवार सुबह प्री-पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास कटगोड़ी की छात्राएं यूनिफार्म में निकली और स्कूल जाने की बजाय सीधे कलेक्टोरेट पहुंची। कटगोड़ी से कलेक्ट्रेट की दूरी करीब 10 किलोमीटर है।
करीब एक घंटे तक कलक्टोरेट में छात्राएं बैठी रहीं और कलक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर प्रताडि़त करने वाली अधीक्षिका का हटाने की गुहार लगाई। छात्राओं ने अपनी शिकायत में लिखा है कि अधीक्षिका बोलती है, तुम लोग कम खाना खाओ। हमें भरपेट भोजन भी नहीं मिलता है और मेनू के हिसाब से कभी भी भोजन नहीं बनता है।
वहीं तबीयत खराब होने पर अधीक्षिका निवास का दरवाजा नहीं खटखटाने की बात कहती हैं और तबीयत खराब होने पर छुट्टी भी नहीं देती हैं। इसके अलावा छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को साबून, तेल सहित अन्य सामग्री नहीं देती हैं। मामले में कलक्टर ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को तत्काल अधीक्षिका को हटाने के निर्देश दिए हैं।
चरित्रहीन लिखने व नाम काटने की देती है धमकी
छात्रावास की बच्चियों को कहना है कि किसी अधिकारी से मेरी शिकायत करने पर नाम काटने और लाल पेन से अंकसूची में चरित्रहीन लिखने की धमकी भी देती हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारा नाम मत बताइएगा। क्योंकि हमारे साथ कुछ भी कर सकती हैं।
वहीं अधीक्षिका को शिकायत के संबंध में जानकारी मिलने पर हमारा नाम काट सकती हैं। हमारी अधीक्षिका बहुत खतरनाक हैं, उनसे बहुत डर लगता है। छात्रावास में हमें नई अधीक्षिका चाहिए।
छात्रावास में 6वीं से 12वीं तक की रहती हैं छात्राएं
कटगोड़ी कन्या छात्रावास में छठवी से बारहवी तक पढऩे वाली ग्रामीण अंचल की छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। शिकायत पत्र में करीब 36 छात्राओं के हस्ताक्षर हैं। जबकि कुछ बच्चियां अधीक्षिका की धमकी के कारण हस्ताक्षर नहीं की। छात्राओं का कहना है कि 9 सितंबर को हमने शिकायत की थी,
लेकिन इतने दिन गुजर जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है जिससे बच्चियों को क्लास छोड़कर दोबारा कलेक्ट्रेट आना पड़ा है। इस बार अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक कलेक्ट्रेट में ही बैठे रहने पर अड़ी थीं।
तत्काल की जा रही कार्रवाई
छात्रावास की बच्चियों की शिकायत सुनी गई है। मामले में गंभीरता से लेकर अधीक्षिका को तत्काल हटाने और नई अधीक्षिका की पदस्थापना करने के निर्देश दिए गए हैं।
नरेंद्र कुमार दुग्गा, कलक्टर कोरिया