कोरीया

House boat: श्रीनगर के डल झील की तर्ज पर झुमका जलाशय में चलाया जाएगा हाउस बोट, उपलब्ध होंगीं ये सुविधाएं

House boat: झुमका जलाशय के 500 हेक्टेयर में जलभराव क्षेत्र में चलाया जाएगा बोट, कोरिया जिला प्रशासन द्वारा पर्यटकों को लुभाने की चल रही है तैयारी, हैदराबाद के कारीगर तैयार कर रहे हैं हाउस बोट
2 min read
House boat
House boat (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर. जिला मुख्यालय बैकुंठपुर स्थित झुमका बोट क्लब (झुमका जलाशय) के 500 हेक्टेयर जलभराव एरिया में बहुत जल्द हाउस बोट (House boat) तैरता नजर आएगा। झुमका तट पर करीब डेढ़ साल से हाउस बोट को हैदराबाद के कारीगर तैयार कर रहे हैं। बोट तैयार हो जाने के बाद जम्मू-काश्मीर के श्रीनगर स्थित डल झील की तर्ज पर यहां भी हाउस बोट का लुत्फ लोग उठा पाएंगे। इस प्रोजेक्ट से कोरिया जिला प्रशासन को प्रतिवर्ष 18 लाख का मुनाफा होगा।

गौरतलब है कि इस साल ठंड के मौसम में हाउस बोट (House boat) को चलाने की तैयारी है। डबल डेकर हाउस बोट में 2-2 कमरे और एक-एक हॉल की सुविधा होगी। इसमें 50 से अधिक पर्यटक एक बार में जलाशय के बीच तक सफर कर पाएंगे। वहीं हाउस बोट की ऊपरी मंजिल पर किचन सुविधा होगी।

हाउस तैयार होने के बाद सैलानी जलाशय (House boat) में करीब 500 हेक्टेयर एरिया में भरे लबालब पानी के बीच में स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। गौरतलब है कि बोट क्लब परिसर में पहले से 5 नग फैमिली शिकारा बोट, 14 सीटर 2 नगर मेकेनाइज स्पीड बोट, 1 नग एक्वेरियम एवं पार्किंग है।

House boat: डीएमएफ से 3 करोड़ हुआ है खर्च

डीएमएफ मद से 3 करोड़ की लागत से बोट हाउस और शिकारा बोट (House boat) चलाने प्रोजेक्ट बनाया गया है। हालांकि, जम्मू के श्रीनगर डल झील की तर्ज पर झुमका में 5 शिकारा बोट चलाने की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन बारिश मानसून आगमन के साथ ही शिकारा बोट को सुरक्षित रखवाया गया है। छत्तीसगढ़ में पहली बार जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर डल झील में शिकारा बोट झुमका जलाशय में चलाया जा रहा है।

House boat

जिला प्रशासन को होगा 18 लाख मुनाफा

झुमका जलाशय में हाउस बोट (House boat) संचालन के लिए 2 साल के अनुबंध पर चलाने की प्रक्रिया चल रही है। संचालन के लिए 13 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित है। पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल कर झुमका वाटर टूरिज्म सोसायटी बैकुंठपुर द्वारा झुमका जलाशय क्षेत्र में 1 हाउस बोट चलाया जाएगा।

हाउस बोट को ठेका लेने वाले ठेकेदार को 5 लाख अमानत राशि जमा करनी होगी। साथ ही मासिक किराया 1.50 लाख रुपए देनी होगी। इससे जिला प्रशासन को हाउस बोट से सालाना १8 लाख मुनाफा होगा।

Updated on:
19 Jul 2025 04:43 pm
Published on:
19 Jul 2025 04:43 pm