एक मां अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरती है। लेकिन मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की एक महिला ने मां होने के नाम को कलंकित कर दिया है। वह अपनी 2 नाबालिग बेटियों को पिछले 2-3 साल से पूर्व पार्षद को परोसती आई है। पूर्व पार्षद ने भी दोनों बेटियों की इज्जत को तार-तार करके रख दिया।
आरोपी की हवस यही शांत नहीं हुई तो उसने महिला से कहकर तीसरी बेटी को भी अपनी वासना का शिकार बनाने बुलवा लिया। गनीमत रही कि नाबालिग उसकी चंगुल से बच निकली और पूरी बात अपनी बड़ी मां को बता दी। इसकी जानकारी जब पूर्व में पार्षद के हवस का शिकार हो चुकी नाबालिग बहनों को लगी तो वे अपनी छोटी बहन के साथ ऐसा होता देख चुप न रह सकीं।
17 दिसंबर को थाने पहुंचकर दोनों ने पुलिस के सामने अपनी मां व पूर्व पार्षद के इस शर्मनाक कुकृत्य को बयान किया। यह सुनकर पुलिस की भी रूह कांप उठी। इधर घटना की खबर लगते ही पूर्व पार्षद व नाबालिगों की मां फरार हो गए। पुलिस जुर्म दर्ज कर उनकी खोजबीन कर रही है।
कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ में एक काफी शर्मनाक कृत्य सामने आया है। 12 वर्षीया नाबालिग पुत्री को उसकी मां 11 दिसंबर को शाम 4 बजे नगरपालिका के हसदेव इंटकवेल ले गई। यहां बेटी के साथ पूर्व पार्षद गोविंद जायसवाल द्वारा उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई।
बालिका किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर पुरानी बस्ती निवासी अपनी बड़ी मां के घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। वहीं पूर्व में ही आरोपी पार्षद की हवस का शिकार हो चुकीं 2 नाबालिग बहनों को जब अपनी छोटी बहन के साथ भी इस शर्मनाक कृत्य की जानकारी हुई तो उन्होंने 17 दिसंबर को थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
नाबालिग बहनों ने पुलिस को बताया कि पिछले 2-3 सालों से उनकी मां की सहमति से आरोपी पूर्व पार्षद द्वारा उनका शारीरिक शोषण किया जा रहा था। किसी को बताने पर उन्हें धमकी दी जाती थी। पीडि़त बालिकाओं की शिकायत पर पुलिस द्वारा आरोपी गोविन्द जायसवाल व सह आरोपी नाबालिगों की मां के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है।
इधर पुलिस थाने में मामला पहुंचने की जानकारी लगते ही आरोपी व सह आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी पूर्व पार्षद व नाबालिगों की मां के खिलाफ धारा 376, 323, 506, पॉक्सो एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा दोनों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
मां को दिलाया था राशन दुकान
आरोपी गोविन्द जायसवाल द्वारा पीडि़त बालिकाओं की मां को महिला समूह का अध्यक्ष बनाकर उससे शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन कराया जाता था। 3 माह पूर्व अनियमितता की वजह से प्रशासन द्वारा राशन दुकान इनसे वापस ले ली गई है। बताया जाता है कि सोसायटी की आड़ में ही आरोपी के द्वारा महिला की शह पर उसकी पुत्रियों के साथ गलत काम किया जाता था।