CG Land sliding: लैंड स्लाइडिंग की वजह से पहाड़ से मिट्टी-पत्थर के साथ नेशनल हाइवे पर गिर गए पेड़, सुबह जेसीबी से मलबा हटाकर शुरु कराया गया आवागमन
बैकुंठपुर/बरबसपुर. CG Land sliding: कोरिया-एमसीबी में बुधवार को भारी बारिश के कारण रात को जमदुआरी जंगल में भू-स्खलन (Land sliding) हुआ। इस दौरान पहाड़ से मिट्टी, पत्थर और पेड़ गिए और एनएच-43 पर डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलते ही हाइवे पुलिस पेट्रोलिंग ने जैसे-तैसे आवागमन शुरु कराया। साथ ही गुरुवार सुबह जेसीबी मशीन से मलबा हटवाकर पूरी तरह से रास्ता क्लीयर कराया गया।
हाईवे पुलिस एनएच-43 पर बुधवार से लेकर गुरुवार को लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग कटनी से गुमला तक एनएच-43 पर बुधवार रात लगभग 9 बजे पेड़ गिरने और भूस्खलन (Land sliding) से बड़े-बड़े पत्थर जमदुआरी जंगल से गुजरी सडक़ पर गिर गए। इससे लगभग डेढ़ घंटा राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित रहा।
हाइवे पेट्रोलिंग टीम सूचना पर मौके पर पहुंची और डेढ़ घंटे बाद 10.30 बजे किसी तरह से आवागमन सुचारू कराया। अगले दिन एनएच के इंजीनियर सहित अन्य लोग पहुंचे और जगह-जगह गिरे पत्थर, पेड़, मिट्टी को सडक़ को हटवाया।
वहीं दूसरी दोनों जिले में नदी-नाले उफान पर हैं और छोटी-छोटी पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। कोरिया में बुधवार से गुरुवार सुबह तक तहसील बैकुंठपुर में 86.4, सोनहत में 36.7, पटना में 95.9 एवं पोड़ी बचरा में 122 मिमी वर्षा रेकॉर्ड हुआ।
मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में 1 जून से अब तक 676.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार अब तक सर्वाधिक वर्षा 803.5 मिमी मनेन्द्रगढ़ तहसील तथा न्यूनतम 540.4 मिमी कोटाडोल तहसील में बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील केल्हारी में 726.5, चिरमिरी में 722.6, खडग़वां में 621.4, भरतपुर में 643.1 मिमीवर्षा दर्ज की गई है।
कोरिया में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने आम जनता और राहगीरों से आग्रह किया है कि जलभराव वाले पुल-पुलिया से आवागमन नहीं करें। उन्होंने कहा कि पानी भराव और फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका अधिक होती है। इसलिए ऐसे स्थानों से दूर रहें।
स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं, युवाओं को समझाइश दी कि नदी, नाले पहाड़, तालाब, बांध और झरने के पास सेल्फी नहीं लें। कलेक्टर ने जल संसाधन, लोक निर्माण और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि पुल-पुलिया और अन्य दुर्घटना जनित स्थानों पर सूचना पटल लगाकर सतर्क करें। इससे किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।