कोरीया

दर्द से कराह रही प्रसूता को छोड़ लगे थे स्वागत में, इधर डिलीवरी हुई और बेड से डस्टबिन में गिरकर नवजात की मौत

राज्य स्तरीय कायाकल्प की दो सदस्यीय टीम जिला अस्पताल में देखने पहुंची थी व्यवस्था, लेबर रूम में प्रसूता की मां ने कराया प्रसव, लापरवाही का आरोप

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Newborn body
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बैकुंठपुर. जिला अस्पताल की भारी लापरवाही के कारण शुक्रवार को लेबर रूम के डिलीवरी बेड से एक नवजात के डस्टबीन में गिरने से मौत हो गई। मामले में परिजनों ने मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल का निरीक्षण करने कायाकल्प की जिला स्तरीय टीम आई थी।

उनके स्वागत-सत्कार में पूरा मेडिकल स्टाफ लगा दिया गया था। इधर अस्पताल के लेबर रूम में भर्ती प्रसूता दर्द से तड़पती रही। इसी बीच अचानक उसे प्रसव पीड़ा हुई, मौके पर कोई डॉक्टर-नर्स नहीं होने पर उसकी मां ने प्रसव कराया। इस बीच अचानक नवजात बेड से डस्टबिन में गिर गया और उसकी मौत हो गई। हादसे से प्रसूता व उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

जिला अस्पताल को कायाकल्प योजना सें रैंकिंग करने जिला स्तरीय 5 सदस्यीय राज्य टीम पहुंची थी। इस दौरान जिला अस्पताल का पूरा मेडिकल स्टाफ टीम की सत्कार में लगी थी। लेबर रूम के स्टाफ को भी अन्य कार्य में ड्यूटी लगा दिया गया था। इससे लेबर रूम पूरा खाली पड़ा था।

इस दौरान अचानक चिरमिरी निवासी प्रसूता नसरीन पति मोहम्मद सकील (25)को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन लेबर रूम ले गए थे और ड्यूटी करने वाले नर्सिंग स्टाफ को इधर-उधर खोजा लेकिन कहीं से कोई भी नर्सिंग स्टाफ नहीं पहुंचा। इसी बीच दोपहर करीब 12 से 12.30 बजे डिलीवरी बेड पर प्रसूता ने एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया, लेकिन नर्सिंग स्टाफ नहीं होने के कारण नवजात सीधे डस्टबीन में गिर गया।

घटना के बाद आनन-फानन में मेडिकल स्टाफ ने नवजात को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। मामले में प्रसूता की मां अफसर बेगम नवजात के शव को गोद में लेकर बैठी रही।

वहीं प्रसूता व उसकी मां ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रसव पीड़ा होने पर लेबर रूम में कोई भी नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं था। जबकि हमने कई बार प्रसव पीड़ा होने की जानकारी दी थी।


लेबर रूम खाली, प्रसूता की मां ने कराया प्रसव
प्रसूता की मां अफसर बेगम का कहना है कि प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार सुबह करीब 5 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन भर्ती होने के बाद कोई डॉक्टर देखने व जांच करने नहीं पहुंचे थे। इससे एक दिन और एक रात दर्द से कराह रही थी।

प्रसूता को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा अधिक होने पर लेबर रूम लेकर गई थी और नर्सिंग स्टाफ को प्रसव पीड़ा होने की जानकारी दी, लेकिन कोई भी नर्सिंग स्टाफ लेबर रूम नहीं पहुंचा। इस दौरान प्रसूता की मां अकेली थी और प्रसूता को जैसे-तैसे संभाल रही थी। अचानक प्रसव होने के बाद नवजात सीधे डस्टबीन में गिर गया और उसकी मौत हो गई।


नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई
कायाकल्प की टीम जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची है। टीम अस्पताल में उपलब्ध संसाधन व हर सुविधाएं देखेगी। नवजात के संबंध में जानकारी मिली है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ एसके गुप्ता, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैकुंठपुर

Published on:
12 Oct 2018 04:38 pm
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