Patient on cot: नगर निगम सीमा से सटे हुए ग्राम पंचायत का मामला, स्वास्थ्य मंत्री का है क्षेत्र, 4 साल से बीमारी से जूझ रहे मरीज को ढोकर लाने में उठानी पड़ी परेशानी, कई बार सडक़ की लगा चुके हैं गुहार लेकिन समस्या बनी हुई है जस की तस
चिरमिरी पोड़ी। एमसीबी जिले में नगर निगम चिरमिरी की सीमा से सटे ग्राम पंचायत सरभोका के पंडो बस्ती तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। जिससे मरीज को चारपाई (Patient on cot) में ढोकर करीब 4 किलोमीटर पैदल चले और पहुंच मार्ग तक लाए। यह एरिया मनेंद्रगढ़ विधानसभा में आता है और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का इलाका है। ग्राम पंचायत सरभोका के आश्रित ग्राम नवाडीह(टेड़वा साजा) में पंडो जनजाति वर्ग के लोग निवासरत हैं। यहां की जनसंख्या करीब 500 है, लेकिन गांव तक पहुंच मार्ग नहीं बना है। इससे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो जनजाति के लोग परेशान हैं।
गौरतलब है कि पंडो बस्ती ग्राम टेड़वा साजा निवासी बुधराम पंडो 4 साल से बीमार हैं। उसकी तकलीफ बढऩे के कारण बुधवार को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस को फोन कर बुलाया। लेकिन गांव तक पहुंच मार्ग नहीं होने के कारण एंबुलेंस (Patient on cot) नहीं पहुंच पाई।
ऐसे में बुधराम को चारपाई पर ढोकर (Patient on cot) 4 किलोमीटर पैदल लेकर परिजन सडक़ तक पहुंचे। फिर नवाडीड स्कूल के पास से एंबुलेस में लिटाकर जिला अस्पताल चिरमिरी में भर्ती कराया गया है।
सरभोका के आश्रित ग्राम नवाडीह के बुधराम पिछले 4 वर्षों से पैर और पिछले हिस्से के सूजन से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद आज तक सडक़ नहीं बन पाई है।
गांव में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति (Patient on cot) की संख्या ज्यादा है। साथ ही कुछ गोंड समाज के लोग भी निवासरत हैं। वन ग्राम होने के कारण आज तक पक्की सडक़ नहीं बन पाई है। यहां के ग्रामीणस जनप्रतिनिधियों से आवागमन की सुविधा मुहैया कराने गुहार लगा चुके हैं।
जिला अस्पताल चिरमिरी की चिकित्साधिकारी डॉ. उषा लकड़ा का कहना है कि मरीज का ब्लड सैंपल लिया गया और एक्स-रे कराया गया है। अस्पताल में मरीज (Patient on cot) का उपचार जारी है।