जनकपुर उप डाकघर के पोस्टमास्टर को गिरफ्तार कर न्यायालय में किया गया पेश, मुख्य आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
बैकुंठपुर. जनकपुर उप डाकघर के बचत खाता, आरडी खाता से १ करोड़ 50 लाख की राशि फर्जी तरीके से लोन के नाम पर निकालने वाले सह आरोपी झगराखांड़ के प्रभारी पोस्ट मास्टर को गिरफ्तार किया गया है। डेढ़ करोड़ रुपए उसने 2 महीने में 70 खातों से गबन किया था। पुलिस उसकी धरपकड़ में लंबे समय से जुटी थी।
कोरिया जिले के जनकपुर के तत्कालीन डाकपाल राकेश सिन्हा व अन्य आरोपी ने फर्जी तरीके से लोन निकालने के नाम पर जनता की जमा राशि 1 करोड़ 50 लाख निकाली थी। मामले की शिकायत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 417 के अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
करीब एक महीने पहले मुख्य आरोपी को अंबिकापुर में दबिश देकर गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले में सह आरोपी झगराखांड़ के प्रभारी पोस्ट मास्टर अवधेश कुमार शुक्ला पिता शिवशंकर शुक्ला को गिरफ्तार कर न्यायालय प्रस्तुत किया गया है। सह आरोपी प्रभारी पोस्ट मास्टर जुलाई 2012 से जुलाई 2016 तक जनकपुर उप डाकघर में पदस्थ था।
दो माह में 70 खाते से 1.28 करोड़ निकाली थी
प्रार्थी महेश प्रसाद ने 6000 रुपए प्रति महीने जमा करने आरडी खाता क्रमांक 49307 खुलवाया था। तीन साल बाद खाता की अवधि पूरी होने पर 22 सिबंर 2016 को पासबुक लेकर अपना जमा पूंजी निकालने गया था, लेकिन खातेधारक को पैसा नहीं मिला था।
मामले की थाना में शिकायत कर जमा राशि दिलाने की गुहार लगाई थी, जिसपर पुलिस ने शिकायकर्ता सहित अन्य पीडि़तों का बयान दर्ज किया तथा तत्कालीन उप डाकपाल द्वारा करीब 70 खातेदार के आरडी खाते से भारी रकम का गबन करना पाया गया था।
बड़े अफसरों का हाथ होना भी स्वीकारा
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी डाकपाल सिन्हा ने गबन की राशि 26 लाख 75 हजार 610 रुपए डाक विभाग में जमा करना स्वीकार किया है। वहीं 1.50 करोड़ के फर्जीवाड़ा में डाक विभाग के बड़े अफसरों के संलिप्त होना कबूल किया है।
फर्जीवाड़ा की जांच जारी है। डाकघर की जांच के बाद कार्रवाई नहीं होने से बड़े अफसरों की मिलीभगत की आशंका जताई थी। रिपोर्ट में लिखा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी अपराध में संलिप्त हंै।