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Water crisis: पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, चिलचिलाती धूप में शहरवासियों के साथ सडक़ पर बैठे 7 पार्षद, किया चक्काजाम

Water crisis: निगम क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर किया विरोध प्रदर्शन, 15 दिन के भीतर पेयजल समस्या से निजात दिलाने के आश्वासन पर समाप्त हुआ चक्काजाम

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Water crisis

Councilor and citizens protest for water (Photo- Patrika)

चिरमिरी। एमसीबी जिले के नगर निगम चिरमिरी में पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को 7 पार्षदों की अगुवाई में गोदरीपारा में चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन (Water crisis) किया गया। इस दौरान कुछ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मामले में 15 दिन के भीतर पेयजल समस्या का समाधान करने के आश्वासन पर चक्काजाम समाप्त कर दिया गया। दरअसल गोदरीपारा के एकता नगर में बढ़ते जल संकट को देखते हुए लोगों में आक्रोश था।

नगर निगम चिरमिरी के गोदरीपारा एकता नगर में बढ़ते जल संकट को लेकर आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रभावित 7 वार्ड के पार्षद शामिल हुए, जिन्होंने शहरवासियों के साथ चिलचिलाती धूप में सडक़ पर बैठकर विरोध जताया। हालांकि चक्काजाम (Water crisis) के कारण कुछ घंटे तक आवागमन बाधित रहा।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 26, 27, 30, 31, 32, 33 और 34 में 10 हजार से अधिक आबादी है। ये वार्ड लंबे समय से भीषण पेयजल समस्या से जूझ रहे हंै। भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। पानी पर सबका अधिकार है। इसी अधिकार को पाने के लिए सडक़ पर उतरना पड़ गया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी में नगर निगम और एसईसीएल की ओर से पेयजल समस्या (Water crisis) का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। क्षेत्र में बीते कई दिनों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। पाइपलाइन बिछने के बावजूद नियमित जल आपूर्ति शुरु नहीं हो पाई है।

इससे लोगों को पानी खरीदने या अन्य स्थानों से लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन अभियंता बसंत जायसवाल ने कहा कि बड़ी बाजार स्थित ओवरहेड टैंक से जल आपूर्ति (Water crisis) को लेकर चल रहा विवाद सुलझा लिया गया है।

नगर निगम का दावा, 185 करोड़ के कार्य प्रस्तावित

मामले में नगर निगम का दावा है कि शासन की योजना जल मिशन के तहत 185 करोड़ के कार्य प्रस्तावित है। इसके पूरे होने से शहर में पानी किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, आम जनता का कहना है कि प्रोजेक्ट कब पूरा होगा, इसकी कोई दिन-तिथि निर्धारित नहीं है। इसलिए भीषण गर्मी (Water crisis) में टैंकर से वार्डों में सुबह-शाम जलापूर्ति करनी चाहिए।

स्थानीय निवासी सरोज खटीक ने कहा कि कई दिनों से पानी नहीं मिल रहा है। लोग नलों का इंतजार करते परेशान हो चुके हैं। सविता सिंह ने कहा कि सप्ताह में एक बार भी पानी ठीक से नहीं मिलता है। जब पानी आता है तो महज 10 से 15 मिनट बाद बंद हो जाता है। ऐसे में टंकियां भी नहीं भर पाती है।

Water crisis: पार्षद ने कही ये बातें

वार्ड क्रमांक 31 की पार्षद संध्या सोनवानी ने कहा कि घंटों चले आंदोलन के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ चर्चा हुई। बैठक में पीएचई और एसईसीएल के सहयोग से जल आपूर्ति (Water crisis) की अवधि बढ़ाने और सप्ताह में कम से कम दो दिन पानी देने पर सहमति बनी है। साथ ही लंबित पाइपलाइन कार्य को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।

पार्षद सनी चौहथा ने कहा कि कई बार शिकायत कर चुके हैं। गर्मी के कारण पानी की मांग भी बढ़़ी है, परंतु अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है। आश्वासन मिला है कि अब पहले की तरह नियमित सप्लाई बहाल की जाएगी और अतिरिक्त लाइन जोडक़र गोदरीपारा क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुचारू की जाएगी।

15 दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। लेकिन तय समय में समस्या (Water crisis) का समाधान नहीं हुआ तो लोगों ने फिर से आंदोलन करेंगे।

तहसीलदार बोले- जल्द मिलेगी राहत

चिरमिरी तहसीलदार समीर शर्मा का कहना है कि पानी की समस्या (Water crisis) को लेकर पीएचई, नगर निगम और एसईसीएल के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान समस्या का समाधान करने पर सहमति बनाई गई है। जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी।