जनकपुर इंद्रप्रस्थ स्टेडियम के पीछे गांव वालों ने देखा तो बचाई जान, उपचार के दौरान हो गई थी मौत
बैकुंठपुर. गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान से भटककर शनिवार की सुबह एक चीतल जनकपुर के रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। उन्होंने उसे नोंच कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया।
गांव वालों ने देखा तो चीतल को बचाया। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। गंभीर स्थिति में घायल चीतल का उपचार किया जा रहा था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। फिर वन विभाग द्वारा जंगल में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कोरिया जिले के जनकपुर स्थित इंद्रप्रस्थ स्टेडियम के पीछे शनिवार सुबह करीब आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने जंगली चीतल पर हमला कर दिया था। इस दौरान आस-पास के कुछ ग्रामीण की उसपर नजर पड़ी तो उन्होंने वहां से कुत्तों को मार कर भगाया और चीतल की जान बचा ली। चीतल को कुत्तों ने नोंच कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इसकी सूचना तत्काल ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा लेकिन इस दौरान चीतल वहां से जंगल की ओर भाग गया था। वन विभाग की टीम ने काफी देर तक उसकी जंगल में खोजबीन की तो वह एक पेड़ के पास बैठा दिखा। इसके बाद उसे पकड़कर लाया गया और पशु चिकित्सक को बुलवाकर उसका इलाज शुरु कराया गया।
डॉक्टर उसका उपचार कर ही रहे थे कि उसकी मौत हो गई। वन विभाग के स्टाफ ने मृत चीतल का पीएम कराया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
जंगल में पड़ा था जख्मी चीतल
जंगली चीतल आवारा कुत्तों के हमले से गंभीर रूप से घायल हो गया था। शनिवार सुबह स्टेडियम के पास खून से लहूलुहान चीतल जंगल की ओर भाग गया था। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग का अमला चीतल की तलाश में जंगल में पहुंचा।
इस दौरान जंगल में घायल अवस्था में पड़ा था। फिर उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया और वाहन में लादकर इलाज के लिए लाया गया था।