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दादी के साथ सोया था मासूम पोता, रात को रोते हुए उठा फिर अचानक थम गईं सांसें

7 वर्षीय मासूम की मौत से माता-पिता व परिजन का रो-रोकर बुरा हाल, पिता ने टॉर्च जलाकर देखा तो सामने आई सच्चाई
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 14 Jul 2018, 2:37 PM IST

Death

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अंबिकापुर. 7 वर्षीय मासूम बालक गुरुवार की रात अपनी दादी के साथ जमीन पर सो रहा था। रात को होठ में कुछ काटने का अहसास हुआ तो वह रोते हुए उठा। आवाज सुनकर दादी समेत उसके माता-पिता भी वहां पहुंच गए। फिर उसे कमरे से बाहर निकाला गया। इसी बीच उसका पिता टॉर्च लेकर कमरे में घुसा तो वहां डंडा करैत सांप पड़ा हुआ था।

उसे यह समझते देर नहीं लगी कि उसके बेटे को सांप ने डस लिया है। इसके बाद घर के सभी सदस्यों ने आवाज देकर पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। सभी कुछ कर पाते इससे पहले ही बालक की तबीयत बिगडऩे लगी और कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई। मासूम बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में आ गया।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बाटा निवासी बिरस नगेशिया का 7 वर्षीय पुत्र अगस्तु नगेशिया गुरुवार की रात को दादी सलकी बाई के साथ अलग कमरे में सो रहा था, पिता व अन्य परिजन दूसरे कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान रात करीब 9 बजे बालक अगस्तु को होंठ के नीचे किसी जीव के काटने का अहसास हुआ और वह दर्द से रोने लगा।

उसकी आवाज सुनकर पिता सहित घर के अन्य सदस्य जाग गए और बालक को दादी कमरे से बाहर लेकर आई। इधर जब उसके पिता टॉर्च जलाकर कमरे में देखने गए तो वहां डंडा करैत सांप देख डर गए। बालक को सांप ने डसा था। इस पर पिता ने आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया।

कोई कुछ कर पाता इससे पहले ही बालक ने घर में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर शुक्रवार को मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पीएम कराकर परिजन को सौंप दिया। इस घटना से मृतक के परिजन सदमे में हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।


जागरुकता के अभाव में जा रही जान
गौरतलब है कि बारिश के मौसम में सबसे अधिक सर्पदंश के मामले जमीन पर सोने के दौरान सामने आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जागरूकता के अभाव में जमीन पर सोते हैं और सर्पदंश की वजह से उनकी जान चली जाती है। सरगुजा संभाग में सर्पदंश से पिछले 2 महीने में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई है।

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