असलम शेरखान को पनाह देने वालों पर पुलिस कसेगी शिकंजा
कोटा. कोटा पुलिस का मोस्ट वांटेड और एक लाख रुपए का इनामी कुख्यात अपराधी असलम शेरखान उर्फ चिंटू गिरफ्तारी के दो दिन पहले रडार पर आ गया था। पुलिस ने अपराधी पर शिकंजा कसा तो वह हाड़ौती छोड़कर हरियाणा होता हुआ दिल्ली चला गया और वहां फरारी काट रहा था, लेकिन दिल्ली में लगातार दबिशें देने पर वह मध्यप्रदेश में जा छुपा। पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी से अपराधी घबराया हुआ था। इस कारण वापस हाड़ौती में आकर फरारी काटने के लिए ठिकाना ढूढ़ रहा था। आखिर पुलिस ने गुरुवार को दरा में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उधर, पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया। जमील हत्याकाण्ड में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा पहले से हो रखी है। कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रविदत्त गौड़ ने चिंटू की गिरफ्तारी के संबंध में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में बताया कि कैसे कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया गया, कैसे व्यूहरचना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि बुधवार को अपराधी के मध्यप्रदेश से भवानीमंडी में प्रवेश करने की सूचना मिली। पहले से झालावाड़ में चिंटू को खोज रही टीम सूचना पर अलर्ट हो गई।
भवानीमंडी से रडार पर, दरा में धरा गया
चिंटू के भवानीमंडी में आने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक विकास पाठक ने गिरफ्तारी के लिए नए सिरे से व्यूहरचना तय की। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि एसपी पाठक के कुशल निर्देशन में एएसपी प्रवीण जैन की अगुवाई में टीम कार्रवाई में जुट गई। आरोपी के भवानीमंडी से कोटा की तरफ आने की सूचना मिली। पुलिस निरीक्षक मनोज सिकरवार, अमरसिंह, नीरज गुप्ता, डीएसटी के प्रभारी नीरज गुप्ता, पुष्पेन्द्रसिंह, सायबर सेल के प्रतापङ्क्षसह टीम के साथ कोटा से झालावाड़ की ओर कूच गर गए। इस दौरान अपराधी की लोकेशन दरा में आई तो घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वह दरा के जंगलों में छुपने की फिराक में था।
टीम भावना से काम किया और सफलता मिली
पुलिस महानिरीक्षक ने चिंटू की गिरफ्तारी के लिए समस्त कोटा पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि पिछले दस दिन से पूरी टीम एकजुटता से अपराधी को पकडऩे में लगी हुई थी। अपराधी पर हत्या व हत्या के प्रयास के पांच मुकदमें दर्ज हैं। जिन लोगों ने आरोपी को पनाह दी है, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।