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Kota: सरकारी अस्पताल में 6 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत, हाल जानने पहुंचे विधायक लिफ्ट में फंसे

Kota Medical College Hospital News: कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से एक की मौत हो गई।

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कोटा

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Rakesh Mishra

May 06, 2026

Kota Medical College Hospital News

फाइल फोटो- पत्रिका

कोटा। सरकारी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक साथ कई प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है, जिससे चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह महिलाओं की हालत अचानक खराब हो गई, जिनमें से एक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य की स्थिति गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने सर्जरी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

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मामला कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल का है, जहां 4 मई को अलग-अलग यूनिट में भर्ती प्रसूताओं के सीजेरियन ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद ही सभी महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले उनका ब्लड प्रेशर गिरा और फिर धीरे-धीरे यूरिन बंद होने की शिकायत सामने आई। किडनी संक्रमण जैसे लक्षण भी दिखाई दिए। घटना के बाद सभी प्रभावित महिलाओं को 5 मई की रात 10 बजे के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया। एक प्रसूता सुबह मौत हो गई। अन्य महिलाओं का इलाज जारी है।

पीड़ित परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए

पीड़ित परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। एक परिजन ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उनकी बहन की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। पहले अधिक यूरिन आया, फिर ब्लड प्रेशर गिरा और बाद में यूरिन पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को बार-बार जानकारी देने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसी तरह अन्य मरीजों के परिजनों ने भी सर्जरी के बाद ब्लीडिंग और कमजोरी की शिकायत बताई है। उनका कहना है कि एक साथ कई महिलाओं की हालत बिगड़ना लापरवाही की ओर इशारा करता है।

मरीजों का हाल जाना

वहीं दूसरी तरफ बुधवार को कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल जाना। उन्होंने स्वीकार किया कि मामले में कहीं न कहीं चूक हुई है और इसकी जांच कराई जा रही है। वार्ड से लौटते समय विधायक हॉस्पिटल की लिफ्ट में फंस गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला जा सका। अस्पताल प्रशासन ने भी जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, जिसमें सर्जन, एनेस्थीसिया, गायनिक, फिजिशियन और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इधर, कांग्रेस नेता राखी गौतम ने भी अस्पताल पहुंचकर घटना पर नाराजगी जताई और इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।