
कोटा . छिपकली के काटने से अमूमन किसी की मौत नहीं होती लेकिन बारां जिले के अंता कस्बे के नागदा गांव में छिपकली के काटने से एक किशोर की शुक्रवार को मौत होने का मामला सामने आया है। छिपकली के काटते ही आकाश (11) पुत्र महावीर को चक्कर आने लगे और वह बेहोश हो गया। परिजन उसे तुरंत ही बारां के चिकित्सालय में लेकर गए वहां स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने कोटा के लिए रेफर कर दिया। एमबीएस में किशोर को डॉक्टर ने चेक किया और उसका इलाज शुरू किया गया लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस मामले में चिकित्सक को भी विश्वास नहीं हो रहा कि छिपकली के काटने से किसी की मौत हो सकती है।
पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगा कारण
मृतक के चाचा हरिओम ने बताया कि उनका भतीजा अपने घर पर सो रहा था। देर रात को छिपकली ने उसकी अंगुली पर काट लिया। किशोर के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन जागे ओर आकाश के पास गए तो उसकी उंगली पर छिपकली चिपकी हुई थी। परिवार वालों ने उसकी अंगुली से छिपकली को अलग किया। आनन फानन में परिजन उसे इलाज के लिए ले गए लेकिन नियति को कुछ ओर ही मंजूर था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किशोर की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। डॉक्टर्स का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी की मौत किस कारण से हुई है। दवा का रिएक्शन हुआ है या कोई ओर कारण है इस बारे में नहीं कहा जा सकता। फिलहाल अंता थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
छिपकली के काटने से नहीं होती मौत
विशेषज्ञों का कहना है कि छिपकली के काटने से मौत का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। छिपकली काटती नहीं है। जबकी उसकी शरीर में जहर की मात्रा होती है लेकिन वह बेहद कम होती है। इसे कई स्मैक पीने वाले व नशा करने वाले मारकर खा तक जाते हैं वहीं इसका नशा करते हैं। छिपकली के काटने से मौत होना संदेहास्पद हैं।