कोटा

सावधान: एक महीने में 12 किसानों की मौत, कीटनाशक ऐसे ले रहा जान

Kota News: देश में ड्रोन से कीटनाशक व खरपतवारनाशी दवाओं का छिड़काव और बिजाई का काम शुरू हो गया है। कोटा भी ड्रोन खेती के लिए पायलट प्रोजेक्ट में शामिल है।

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Aug 02, 2024

Agriculture News: कैथून क्षेत्र के गणेशपुरा निवासी बाबूलाल, बूंदी के कापरेन क्षेत्र में युवा किसान पंकज खारोल व रायथल थाना क्षेत्र के रामपुरा का झौंपड़ा निवासी शिवरज कीटनाशक का छिड़काव करते समय दवा के असर से खेत में ही अचेत हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। यह मामले तो बानगी भर हैं। हाड़ौती में जुलाई माह में ही छिड़काव करते वक्त कीटनाशक के सम्पर्क में आने से 12 किसानों की मौत हो गई।

इन दिनों किसान फसलों में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं और दवा के सम्पर्क में आने से अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं। सामने आया कि खतरनाक कीटनाशकों के छिड़काव के दौरान अधिकांश किसान सुरक्षा मापदंडों की पालना नहीं कर रहे। ऐसे में किसानों की यह लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। अब कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है और कीटनाशक छिड़काव के दौरान क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? इसके बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

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ड्रोन से छिड़काव हो तो बच सकती है जान

देश में ड्रोन से कीटनाशक व खरपतवारनाशी दवाओं का छिड़काव और बिजाई का काम शुरू हो गया है। कोटा भी ड्रोन खेती के लिए पायलट प्रोजेक्ट में शामिल है। एक फर्टिलाइजर कम्पनी को किसानों को ड्रोन खेती का प्रशिक्षण देने का जिम्मा दिया गया है। हाड़ौती समेत प्रदेश में डेढ़ सौ महिलाएं ‘ड्रोन दीदी’किसानों को इसका प्रशिक्षण देंगी। मोरपा ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष राकेश नागर ने इफको के सहयोग से किसानों के लिए ड्रोन से दवा स्प्रे करनें की सुविधा उपलब्ध कराई है। यह सुविधा से किसानों की होने वाली अकाल मौतें रुकेंगी।

फसल सुरक्षा में सावधानी जरूरी: टॉपिक एक्सपर्ट

कीटनाशकों के छिड़काव के समय किसानों को सुरक्षा मापदंडों की पालना दवा के छिड़काव से पहले सुनिश्चित करनी चाहिए। खाली पेट इनका स्प्रे नहीं करना चाहिए। मुंह पर मास्क और हाथों पर दस्ताने पहनकर एवं आंखों पर चश्मा लगाकर ही कीटनाशकों छिड़काव करना चाहिए। हवा के विपरीत दिशा में छिड़काव नहीं करें। दवा का छिड़काव करते समय शरीर कपड़ों से ढका हुआ होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि शरीर पर घाव न हों। दवा का घोल डंडे से तैयार करें। तैयार घोल को ढककर रखें। घोल को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। दवा का ढक्कन मुंह से नहीं खोलें। दवा के छिड़काव के समय तीन चार व्यक्ति पास में होने चाहिएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर जाकर चिकित्सकीय जांच करवानी जरूरी है।
डॉ. पीके गुप्ता, रिटायर्ड अति. निदेशक कृषि एवं उद्यानिकी

Published on:
02 Aug 2024 11:01 am
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