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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बैज लगाने के बाद भी रेहड़ी पटरी वालों से वसूली शर्म की बात: अजय माकन

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद ने दिल्ली, वाराणसी, भोपाल समेत कई शहरों में हो रही इस समस्या को उठाया

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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद अजय माकन ने संसद में रेहड़ी पटरी वालों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। माकन ने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों को पैसे से ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है, जो कानून ने उन्हें दी है। उन्होंने पुलिस, लोकल बॉडी और अन्य एजेंसियों के पैसे वसूलने की बात कही और कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बैज लगाने के बाद भी उन्हें पैसे देने पड़ते हैं, जो शर्म की बात है।

माकन ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यूपीए के समय उनके मंत्री रहते रेहड़ी पटरी आजीविका संरक्षण कानून बनाया गया, जिसे देशभर में लागू किया जा रहा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लोन पाने वाले रेहड़ी पटरी वालों को उजाड़ा जा रहा है। माकन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्वनिधि योजना के तहत लोन प्राप्त करने वालों को हटाया जा रहा है। उन्होंने रामनगर, शीतला घाट, लंका, सारनाथ और भिकारीपुर जैसे इलाकों का उल्लेख किया। माकन ने कहा कि रेहड़ी पटरी आजीविका संरक्षण कानून के अनुसार, किसी को सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग मिलने तक नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने दिल्ली के दक्षिण पुरी, पानी की टंकी, पीपल चौक, विराट चौक, पुष्प विहार, मदनगीर, डाबरी रोड मार्केट, मंगलापुरी मार्केट, करोलबाग और अजमल खान रोड का भी उदाहरण दिया, जहां से रेहड़ी पटरी वालों को हटाया जा रहा है। इसके अलावा कोलकाता, भोपाल, उत्तराखंड के रुद्रपुर और देहरादून के कई इलाकों में भी यही समस्या है।

उन्होंने आग्रह किया कि कानून का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाए और राज्य के मंत्रियों को बुलाकर चर्चा की जाए। टाउन वेंडिंग कमेटी की नियमित बैठकें नहीं हो रही हैं और केंद्रीय सरकार इस पर दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। माकन ने कहा कि हमारी प्राथमिकता शहरों और स्लम्स में रहने वाले गरीब लोगों की मदद होनी चाहिए।