
AI Spoon ( सोर्स- पत्रिका)
Impact India AI Summit 2026: दिल्ली में आयोजित इम्पेक्ट इंडिया एआई समिट 2026 के मंच पर इस बार सिर्फ बड़े टेक मॉडल्स की चर्चा नहीं हुई, बल्कि एक ऐसे छोटे लेकिन असरदार आविष्कार ने भी सबका ध्यान खींचा जिसने तकनीक को सीधे रसोई तक पहुंचा दिया। एक युवा इनोवेटर ने एआई से लैस ‘स्मार्ट चम्मच’ पेश किया, जो आवाज के जरिए संचालित होता है और खासतौर पर दृष्टिबाधित और बुजुर्गों के लिए तैयार किया गया है।
खाना बनाना कई लोगों के लिए रोजमर्रा का सामान्य काम है, लेकिन जिनकी दृष्टि कमजोर है या उम्र के कारण हाथों में कंपन और याददाश्त की समस्या है, उनके लिए यह चुनौती बन जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस डिवाइस को विकसित किया गया।
ये स्मार्ट चम्मच मसालों और अन्य सामग्री को पहचानने में सक्षम है। उपयोगकर्ता जैसे ही किसी डिब्बे के पास इसे ले जाते हैं, ये ऑडियो संकेत के माध्यम से बताता है कि सामने कौन-सी सामग्री है। इतना ही नहीं, ये सही मात्रा के बारे में भी मार्गदर्शन देता है, जिससे रेसिपी का स्वाद संतुलित बना रहे।
इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसका वॉयस इंटरफेस है। यूजर सिर्फ बोलकर रेसिपी के अगले चरण की जानकारी ले सकता है। ये कदम-दर-कदम निर्देश देता है, जिससे खाना बनाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
युवा आविष्कारक का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सुविधा देना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तब सार्थक माना जाता है जब वह आम जिंदगी को सरल बनाए। यह स्मार्ट चम्मच उसी सोच का परिणाम है।
इस प्रोजेक्ट के पीछे एक भावनात्मक कहानी भी जुड़ी है। इनोवेटर ने बताया कि उनके दादाजी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दैनिक कार्यों में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रसोई में काम करते समय उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसी अनुभव ने इस तकनीकी समाधान को जन्म दिया। यानी यह सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभव और संवेदनशीलता से तैयार किया गया उपकरण है।
आज की Gen Z पीढ़ी को अक्सर डिजिटल और सोशल मीडिया केंद्रित माना जाता है, लेकिन इस तरह के आविष्कार ये साबित करते हैं कि नई पीढ़ी सामाजिक समस्याओं के समाधान पर भी गंभीरता से काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपकरण भविष्य में हेल्थकेयर, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और स्मार्ट होम सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यदि इसे बड़े स्तर पर विकसित किया गया, तो यह लाखों लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है।
एआई को लेकर अक्सर चर्चा डेटा, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री तक सीमित रहती है, लेकिन ये स्मार्ट चम्मच दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
दिल्ली के इस मंच पर पेश हुआ ये इनोवेशन संकेत देता है कि भविष्य की तकनीक केवल तेज और स्मार्ट नहीं, बल्कि संवेदनशील भी होगी। अगर ऐसे प्रयोगों को समर्थन मिला, तो रसोई से लेकर घर के हर कोने तक एआई की मदद से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी जा सकती है।
Updated on:
16 Feb 2026 09:38 pm
Published on:
16 Feb 2026 09:37 pm
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