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Rain Gun Irrigation System: इस सिस्टम को लेकर गांवों में चर्चा तेज है। कई किसान इसे खेती की नई क्रांति बता रहे हैं। इसका बड़ा कारण कम समय में बड़े खेतों की सिंचाई और पानी की बचत हैं। रेन गन किसानों के लिए एक आधुनिक विकल्प बनकर सामने आया है। आइए जानते है क्या है रेन गन।
रेन गन खेतों में सिंचाई की एक हाई-प्रेशर स्प्रिंकलर तकनीक है, जो खेत के अंदर बिल्कुल बारिश जैसी फुहार छोड़ती है। इसे मोटर और पाइप लाइन से जोड़ा जाता है। जैसे ही मोटर प्रेशर से पानी को बाहर लाती है, यह उस प्रेशर के कारण गोल घूमते हुए खेत के बड़े एरिया में पानी छोड़ती है। बताया जा रहा है की पारंपरिक बाढ़ सिंचाई (फ्लड इरिगेशन) के मुकाबले में इससे पानी सीधे फसल की जड़ों तक और नियंत्रित मात्रा में पहुंचता है। आइए जानते हैं इस Rain Water Harvesting Project (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) के फायदे-
रेन गन से सामान्य सिंचाई की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव मानी जाती है। जहां पहले एक खेत में सिंचाई के लिए कई घंटे लगते थे, वहां ये समय को बचा कर कम समय में पूरा काम कर सकती है।
किसानों को खेत में पानी देने के लिए कई मजदूरों की जरूरत होती हैं। कई जगह तो किसानों का पूरा परिवार ही इस काम में लगे दिखता हैं। रेन गन से खेत में नालियां बनाने या पानी मोड़ने की जरूरत कम पड़ती है जिससे एक बार सिस्टम लगा देने के बाद कम मेहनत में खेत की सिंचाई हो जाती है।
खेत में पानी देते वक्त सबसे बड़ी समस्या रहती है की खेत के हर हिस्से में पानी समान तरीके से नहीं पहुंच पाता हैं। रेन गन सिस्टम पूरे खेत में एकसमान पानी देता है। इस वजह से फसल की ग्रोथ बराबर होती है और उत्पादन बढ़ने की भी संभावना रहती है।
रेन गन सबसे ज्यादा उन किसानों के लिए उपयोगी हैं जिनके पास बड़े खेत है। 40 से 100 फीट या उससे अधिक दायरे तक पानी फैलाने की क्षमता इसे बड़े किसानों के लिए खास बनाती है। गन्ना, गेहूं, मक्का, सब्जियां और चारे की फसल में इसका उपयोग बढ़ रहा है।
इस रेन गन सिस्टम की कीमत लगभग 2500 रुपये से शुरू होकर अलग अलग मॉडल के अनुसार 15 हजार रुपये या उससे ज्यादा तक हो सकती है। शुरुआत में मोटर और पाइप का खर्च भी बढ़ सकता है। इसे बाजार में खेती के नए और असरदार समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
Updated on:
14 Feb 2026 02:45 pm
Published on:
14 Feb 2026 02:45 pm
