रिश्वतखोर पटवारी को 2 वर्ष का कठोर कारावास10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित
कोटा. एसीबी न्यायालय कोटा के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने राजस्व रिकॉर्ड की नकल देने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में निर्णय देते हुए आरोपी पटवारी को 2 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार परिवादी सूर्यप्रकाश शर्मा ने पुलिस निरीक्षक एसीबी बूंदी के समक्ष 13 जनवरी 2008 को इस आशय की लिखित रिपोर्ट पेश की, कि गांव लेसरदा में उसके तथा उसके भाई दाऊशंकर शर्मा के नाम कुल 33 बीघा जमीन है।
जिस पर परिवादी को किसान के्रडिट कार्ड पर ऋण लेना है। इसके लिए परिवादी खाते की जमीन की नकल लेने के लिए हल्का पटवारी लेसरदा रंगराज सिंह मीणा 2 माह से चक्कर लगवा रहा था। उससे काफी निवेदन करने के बावजूद वह नकल नहीं देकर रुपए की मांग करता रहा। पटवारी रंगराज सिंह ने 1 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
एसीबी द्वारा 13 जनवरी 2008 को शिकायत का सत्यापन करवाया गया। इसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद 16 जनवरी 2008 को 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। रिश्वत की राशि उसकी शर्ट की जेब से बरामद हुई।
एसीबी ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान के पश्चात आरोपी पटवारी रंगराज सिंह मीणा के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जहां दोनों पक्षों की दलीलों के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया और शनिवार को सजा व अर्थदंड से दंडित किया।