
कोटा. जिले के 1072 राजकीय विद्यालयों में स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण एवं विद्यार्थियों व सामुदायिक जागरूकता का एमओयू बुधवार को जिला कलक्टर गौरव गोयल की उपस्थिति में डीसीएम श्रीराम एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मध्य हुआ।
इसमें डीसीएम श्रीराम चार साल में करीब 20 करोड़ रुपए व्यय कर विद्यालयों में शौचालयों की दशा बदलने के साथ विद्यार्थियों व समुदाय की आदतें बदलने के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा। डीसीएम श्रीराम द्वारा कॉरपोरेट सीएसआर के तहत श्रीराम स्वच्छागृह अभियान चलाया जाकर जिले में 1072 विद्यालयों में स्वच्छता कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास एवं सामाजिक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।
इसमें जिले के पांच ब्लॉक में 777 प्राथमिक विद्यालयों एवं 295 माध्यमिक विद्यालयों में 3 से 4 वर्ष तक अभियान चलाया जाएगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि कोटा जिले के शैक्षणिक उन्नयन एवं स्वच्छता अभियान की दिशा में यह एमओयू कारगर साबित होगा।
विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण व रखरखाव के साथ विद्यार्थियों में मानसिक परिवर्तन के लिए यह करार दशा व दिशा बदलने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। डीसीएम श्रीराम की तरफ से प्रसीडेंट वीनू मेहता ने बताया कि श्रीराम स्वच्छागृह अभियान के तहत जिलेभर में सभी राजकीय शैक्षणिक संस्थानों में यह अभियान चलाया जाएगा। प्रथम चरण में लाडपुरा ब्लॉक के 144 विद्यालयों में अभियान शुरू होगा।
ये सिखाएंगे
चार साल में विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों में शौचालय का नियमित उपयोग, खाना खाने से पहले एवं बाद में हाथ साफ करने एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने की आदतें भी विकसित की जाएंगी।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एंजिलिका पलात, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र गहलोत, डीसीएम श्रीराम की तरफ से जनरल मैनेजर प्रशासन यूएन शर्मा, सीएसआर कॉरपोरेट जॉय मुखर्जी भी मौजूद रहे।