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प्रदेश में तीन साल में कीटनाशक छिड़काव के दौरान 1383 किसानों की मौत

कोटा

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Newsdesk

Aug 11, 2026

Rajasthan

बीकानेर में सबसे ज्यादा 227 की गई जान


-अश्विनी गौतम



बारां. खरीफ फसलों में कीट एवं रोगों से बचाव के लिए किसान बड़ी मात्रा में कीटनाशक एवं फफूंदनाशी का उपयोग करते हैं, लेकिन छिड़काव के दौरान सुरक्षा में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। प्रदेश में पिछले तीन साल में कीटनाशकों का छिड़काव करते हुए 1383 किसानों की मौत हो गई। कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2023 में 467, 2024 में 439 और वर्ष 2025 में 477 किसानों की मौत हुई। साफ है कि हर साल सैकड़ों किसान कृषि रसायनों के संपर्क में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं।



-जिलेवार यह हैं आंकड़ें


जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो बीकानेर जिले में सबसे अधिक 227 मौतें हुई। इसके बाद हनुमानगढ़ में 192, चूरू में 122, श्रीगंगानगर में 101, बारां में 9, झालावाड़ में 92, नागौर और अजमेर में 79-79, ब्यावर व बूंदी में 68-68, जोधपुर में 67 और फलौदी में 43 किसानों की मौत कीटनाशकों का छिड़काव करते समय हो गई। इन सबके बावजूद कई किसान सबक नहीं ले रहे, आज भी बिना एहतियात बरते कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है।







-किसानाें को कृषि विभाग की सलाह

तेज हवा के दौरान छिड़काव करने से बचें।
किसानों को छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क या उपयुक्त सुरक्षा और शरीर को ढकने वाले कपड़ों का उपयोग करना चाहिए। रसायन त्वचा, आंख और मुंह के संपर्क में नहीं आए, इसका विशेष ध्यान रखें।
छिड़काव के दौरान खाना पीना, तंबाकू या बीड़ी सिगरेट का सेवन नहीं करे। बच्चों और पशुओं को खेत से दूर रखें।
दवा के पैकेट या लेबल लिखी अनुसंशित मात्रा का ही उपयोग किया जाए। अधिक मात्रा में दवा डालने से नियंत्रण बेहतर नहीं होता, हालांकि फसल को नुकसान के साथ किसान का खर्च भी बढ़ता है।


किसी भी कीट या रोग की स्थिति में कृषि पर्यवेक्षक, कृषि अधिकारी या कृषि विभाग के तकनीकी कार्मिक से सलाह लेकर ही दवा का प्रयोग करें। कीटनाशक, फफूंदनाशी, खरपतवारनाशी, या सूक्ष्म पोषक तत्वों को बिना तकनीकी सलाह के एक साथ टैंक में नहीं मिलाना चाहिए। गलत मिश्रण से दवा का प्रभाव कम होने के साथ फसल को नुकसान पहुंच सकता है। छिड़काव के बाद हाथ, चेहरा और शरीर को साबुन पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। खाली दवा की बोतलों का घरेलू उपयोग नहीं करें और उन्हें सुरक्षित तरीके से निस्तारित करें।

राजेश विजय, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार, बारां


फोटो केप्शन: बारां जिले के भंवरगढ़ में खेत में बिना मास्क के कीटनाशक का स्प्रे करते हुए।