
Kota Food Poisoning: कोटा जिले के रानपुर क्षेत्र स्थित पूनियां देवरी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को मिड-डे मील (पोषाहार) खाने से लगभग 27 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। भोजन करने के लगभग एक घंटे बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी। घटना के बाद स्कूल और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
स्कूल के प्रधानाध्यापक चंद्रप्रकाश मीणा के अनुसार, विद्यालय में पोषाहार केबल नगर स्थित अन्नपूर्णा रसोई से सप्लाई किया गया था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे बच्चों को दोपहर के भोजन में कद्दू की सब्जी, दाल और चपाती दी गई थी। खाना खाने के बाद करीब 12 बजे छुट्टी होने पर बच्चे घर चले गए, लेकिन थोड़ी ही देर में कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। 7 से 12 वर्ष की आयु के इन बच्चों के परिजन तुरंत उन्हें लेकर वापस स्कूल पहुंचे।
तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने शुरुआत में बच्चों को स्थानीय रानपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति बिगड़ने पर कई बच्चों को कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में भर्ती कराया गया। एकदम से बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने के कारण शिशु वार्ड में बेड की कमी हो गई, जिससे मजबूरीवश एक-एक बेड पर तीन से चार बच्चों को रखकर इलाज शुरू करना पड़ा।
चिकित्सकों के अनुसार, 5 बच्चों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जबकि 22 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार देने के बाद छुट्टी दे दी गई है। राहत की बात यह है कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें हरकत में आईं। रानपुर थानाधिकारी रमेश कविया ने स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा निरीक्षक चंद्रवीर सिंह जादौन के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर भोजन के सैंपल एकत्र किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य नमूनों की लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही फूड पॉइजनिंग के सटीक कारणों का पता चल सकेगा और दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।