कोटा

2009 में युवकों के झुण्ड ने पुलिस पर पथराव कर छुड़ाया था दुष्कर्मी, एक को मिली सजा

कोटा. 2009 में 13-14 जने पुलिस पर पथराव कर दुष्कर्मी को छुड़ाकर बाइक पर बैठाकर ले गए थे।
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Updated: 24 Jan 2018, 4:16 PM IST
Court

कोटा.

नयापुरा थाना क्षेत्र में करीब साढ़े 8 साल पहले पुलिसकर्मियों पर हमलाकर आरोपित को हिरासत से छुड़ाकर ले जाने के मामले में एडीजे क्रम 5 अदालत ने मंगलवार को एक और आरोपित को 3 साल की सजा व 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में करीब दो माह पहले 9 आरोपितों को सजा सुनाई जा चुकी है।

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हैड कांस्टेबल छोटूलाल सेन ने 15 जून 2009 को नयापुरा थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि दुष्कर्म के मामले में सांगोद जेल में बंद आरोपित रोशन अली को कोटा की एडीजे अदालत में पेशी होने से वे और कांस्टेबल महीपाल सिंह उसे सांगोद जेल से लेकर आए थे। वे ऑटो से जेडीबी कॉलेज के सामने उतरे। यहां से पैदल ही उसे लेकर जेल की तरफ जा रहे थे। तभी स्टेडियम के पास 4-5 बाइक पर 13-14 जने आए।

जिन्होंने आते ही उन पर पथराव कर दिया। इसके बाद वे रोशन को छुड़ाकर बाइक पर बैठाकर ले गए। उन्होंऩे कुछ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने 12 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अपर लोक अभियोजक संजय राठौर ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।

अदालत ने इस मामले में 23 नवम्बर 2017 को 9 आरोपतों को 3-3 साल की सजा से दंडित किया था। कनवास थाना क्षेत्र के इसलाम नगर निवासी अय्यूब के खिलाफ मामला लम्बित था। अदालत ने मंगलवार को अय्यूब को भी 3 साल की सजा व 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुमाने की राशि अपील की मियाद गुजरने पर 15-15 हजार रुपए बतौर क्षतिपूर्ति राशि दोनों घायल पुलिस कर्मियों को अदा करने के आदेश दिए।

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