
आरएसी सिपाही बाबूलाल ने 30 नवम्बर 2016 को दादाबाड़ी थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि रॉलकॉल के बाद वह भीम बैरक की छत पर गया था। वहां फोन से अपने घर पर बात कर रहा था। तभी संतरी ड्यूटी गार्ड सिपाही धर्मवीर सिंह आया और उस पर रायफल से फायर कर दिया। वह नीचे झुक गया, इससे बच गया। इसके बाद धर्मवीर वहां से भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया।
इस रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपित सिपाही के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया था। उसे पुलिस ने अगले दिन गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में बाबूलाल ने बताया कि पुरानी रंजिश को लेकर उस पर फायर किया गया।
लोक अभियोजक हरीश शर्मा ने बताया कि करीब 6 माह चली सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपित सिपाही भरतपुर जिले के बयाना थाना क्षेत्र स्थित नगला बगोरी निवासी धर्मवीर सिंह को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए 3 साल कठोर कैद व 10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।