कोटा

राजस्थान में यहां 40 फीट चौड़ा CC रोड और मल्टीस्टोरी पार्किंग का होगा निर्माण, 80 मकानों-दुकानों के स्थान का होगा पुनर्वास

40-Foot-Wide CC Road And Multi-Story Parking: कॉरिडोर निर्माण के लिए 80 मकान व दुकानें का चिह्नीकरण किया गया है। इन मकानों और दुकानों के स्थान का पुनर्वास किया जाएगा।
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Oct 27, 2025
KDA
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Shrimathuradhishji Corridor: कोटा शहर के नंदग्राम (पाटनपोल) में वल्लभ कुल संप्रदाय के श्रीमथुराधीशजी (प्रथमेश) कॉरिडोर के लिए मकानों, दुकानों और पार्कों का चिह्नीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। अब दुकानों व मकानों को अवाप्त कर इसके स्थान पर कॉरिडोर के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से मथुराधीशजी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए सड़क चौड़ीकरण के लिए आसपास के भवनों का चिह्नीकरण किया गया है।

कॉरिडोर निर्माण के लिए 80 मकान व दुकानें का चिह्नीकरण किया गया है। इन मकानों और दुकानों के स्थान का पुनर्वास किया जाएगा। श्रीमथुराधीशजी मंदिर कॉरिडोर के लिए पार्किंग एरिया विकसित किया जाएगा। इसके लिए नामदेव धर्मशाला को हटाकर पार्किंग विकसित की जाएगी। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों के वाहन पार्किंग में खड़े हो सकेंगे।

आस्था का प्रमुख केन्द्र

श्रीमथुराधीशजी वल्लभ संप्रदाय की प्रथम पीठ है। यहां राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत देश के अलग-अलग क्षेत्रों से कृष्ण भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कॉरिडोर में परिक्रमा मार्ग, पार्किंग और क्षेत्र को हैरिटेज लुक दिया जाएगा।

कोटा के दीवान द्वारकादास की हवेली

मुगल शासक औरंगजेब के मंदिर तोड़ने के दौरान ब्रजभूमि के वल्लभ संप्रदाय के लोग हिंदू राजाओं की शरण में आ गए। श्रीमथुराधीशजी 1727 में बूंदी पधारे और बूंदी में विराजित रहे। 1795 में कोटा के पूर्व नरेश दुर्जनशाल ने प्रभु को कोटा में पधराया।

कोटा के पाटनपोल द्वार के पास प्रभु का रथ ठहर गया। तब तत्कालीन आचार्य गोस्वामी ने आज्ञा दी कि प्रभु की यहीं विराजित होने की इच्छा है। तब कोटा के दीवान द्वारकादास ने अपनी हवेली को गोस्वामी के सुपुर्द किया। हवेली को मंदिर में बदला गया और प्रभुजी को विराजमान किया। यहां वल्लभ संप्रदाय के अनुसार सेवा होती है।

यह होगा काम

नामदेव धर्मशाला से भट्टजी घाट तक 40 फीट चौड़ा सीसी रोड, भट्टजी घाट स्थित पुरानी पुलिया की जगह स्टील ब्रिज, नामदेव धर्मशाला व मंदिर भूमि पर मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाई जाएगी। टिपटा चौराहा से पाटनपोल दरवाजा व परिक्रमा मार्ग का जीर्णोद्धार, मंदिर मार्ग को हैरिटेज लुक में सौंदर्यीकरण किया जाएगा। 80 दुकानों व मकानों का पुनर्वास किया जाएगा।

Updated on:
27 Oct 2025 01:40 pm
Published on:
27 Oct 2025 01:40 pm