
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)
Khatoli Triple Murder: न्यायालय अपर जिला क्रम संख्या-2 की पीठासीन अधिकारी सरिता धाकड़ ने कोटा ग्रामीण के बहुचर्चित खातौली तिहरे हत्याकांड के करीब 5 साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अपर लोक अभियोजक भारतसिंह आसावत ने बताया कि 18 अप्रेल 2021 को परिवादी बूंदी के दबलाना थाने के गांव रेण निवासी लाला ने खातौली थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि उनके समाज की लड़की को बालू और उसका साथी हंसराज भगाकर ले गए।
इसकी रिपोर्ट दबलाना थाने में दर्ज करवाई थी। इसके बाद लड़की की तलाश के लिए बूंदी के देईखेड़ा थाने के लबान स्टेशन निवासी मुकेश (30), देईखेड़ा थाने के गांव पच्चीपला बालाजी के पास निवासी गोपाल (55) और उसके पिता बूंदी के दबलाना थाने के रेण गांव निवासी श्योजी (55) खातौली थाना क्षेत्र के गांव बालूपा गए थे। लड़की को तलाशते हुए वे तीनों 17 अप्रेल 2021 को बालूपा के छुआरी धाम पहुंचे। तलाश के दौरान शाम को उन्हें लड़की को भगाने वाले बालू व हंसराज मिल गए। जहां बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। इस पर बालू, हंसराज और उसके साथियों ने धारदार हथियारों और लाठियों ने मुकेश, गोपाल व श्योजी पर हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई और इटावा चिकित्सालय पहुंचाने पर चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान के बाद कोटा ग्रामीण की खातौली पुलिस ने आरोपी टोंक जिले के देवली थाने के चांदली माताजी निवासी बालू (27), बूंदी जिले के देईखेड़ा थाने के रेबारपुरा पंचायत के पच्चीपला बालाजी निवासी हंसराज (33) और टोंक जिले के देवली थाना क्षेत्र के गांव दंता निवासी हाल टीकड थाना हनुमान नगर जिला भीलवाड़ा निवासी विकास (27) के खिलाफ हत्या के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 32 गवाह, 116 दस्तावेजी और 16 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
आरोपी हंसराज ने श्योजी के पुत्र लाला को कॉल कर तीनों की हत्या की सूचना दी। इस पर लाला खातौली थाने पहुंचा, तब तक पुलिस ने तीनों के शव इटावा चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिए थे।
Updated on:
18 Jul 2026 09:18 am
Published on:
18 Jul 2026 08:58 am
