
कोटा बूंदी जिले के तालेड़ा थाना क्षेत्र में लालपुरा गांव में गुरुवार को फूड पाइजनिंग से एक परिवार के ही 8 जनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इनमें तीन महिला व पांच पुरुष हैं। सूचना पर परिजनों ने सभी सदस्यों को बूंदी चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर होने के कारण कोटा रैफर कर दिया।
पुलिस ने बताया कि बूंदी जिले के तालेड़ा लालपुरा गांव निवासी प्रभुलाल मीणा (65) के बेटों रमेश(40), कैलाश (38), मुकेश (35), पूजा(35) वर्षा(30) और एक पोता लक्की व पोती खुशी समेत एक अन्य शामिल है। इसमें से एक महिला व दो पुरुषों का मेडिकल कॉलेज व दो महिला व तीन पुरुषों का एबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। जिसमें एबीएस अस्पताल में भर्ती मुकेश की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
घर पर ही खाया था खाना
प्रभुलाल के बेटों रमेश, कैलाश की शादी नहीं होने से उन्होंने जबलपुर जिले से पूजा व वर्षा को नाते बिठाने के लिए बुलवाया था। उनका भाई उन्हें तालेड़ा लेकर आया और दोनों लड़कियों को प्रभुलाल के घर छोड़कर जबलपुर के लिए बुधवार को रवाना हो गया। शाम को इसी खुशी में प्रभुलाल की पत्नी कस्तूरी बाई ने घर में आलू मटर की सब्जी, चावल और रोटी बनाई थी। सभी परिवार के सदस्यों ने एक साथ मिलकर खाना खाया।
एकसाथ बिगड़ी तबीयत
बुधवार रात को खाना खाने के बाद जब परिवार के सदस्य अपने आंगन में बैठे थे तो अचानक सबकी तबीयत बिगडऩे लगी और चक्कर व उल्टियां आने। परिजन प्रभुलाल, कस्तूरी बाई व बलराम को बूंदी अस्पताल ले गए, जहां हालात ज्यादा खराब होने से उन्हें कोटा रैफ र कर दिया गया। उन्हें नए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बाद में रमेश, कैलाश, मुकेश, पूजा, वर्षा को कोटा के एमबीएस अस्पताल भर्ती करवाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। तबीयत बिगडऩे का कारण फूड पाइजनिंग को माना जा रहा है।