कोटा

ओवरलोडिंग में फंस गए कोटा स्टेान के 600 ट्रक, नौबत ऐसी आ गई

पहले से ही दुर्दिनों का शिकार हाड़ोती की रीढ़ कोटा स्टोन उद्योग नई आफत में फंस गया है। सरकारी आदेश की अस्पष्टता कहें या ट्रक मालिकों की लापरवाही, नतीजा उद्योग को भुगतना पड़ रहा है।
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Mar 11, 2019
kota
ओवरलोडिंग में फंस गए कोटा स्टेान के 600 ट्रक, नौबत ऐसी आ गई

कोटा/रामगंजमंडी.

पहले से ही दुर्दिनों का शिकार हाड़ोती की रीढ़ कोटा स्टोन उद्योग नई आफत में फंस गया है। सरकारी आदेश की अस्पष्टता कहें या ट्रक मालिकों की लापरवाही, नतीजा उद्योग को भुगतना पड़ रहा है। कोटा स्टोन उत्पादन का हृदय स्थल रामगंजमंडी तहसील क्षेत्र में करीब छह सौ ट्रक मालिकों को जिला परिवहन विभाग ने क्षमता से ज्यादा भार ढोने पर जुर्माने का नोटिस भेजते हुए दस दिन में राशि जमा कराने को कहा है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 10 दिन में जुर्माना राशि जमा नहीं कराने वाले ट्रकों का पंजीयन लॉक कर दिया जाएगा।
जुर्माना वसूली के इस आदेश ने ट्रक मालिकों की नींद उड़ा दी है। कोटा स्टोन व्यापार पर इसका प्रतिकूल प्रभाव सामने आने लगा है।
रामगंजमंडी व झालावाड़ जिले की लाइम स्टोन खदानों से पत्थर का परिवहन कार्य कर रहे ट्रक मालिकों ने पत्थर स्टाक से कोटा स्टोन का लदान बंद कर दिया है। पत्थर परिवहन नहीं होने का सीधा असर औद्योगिक क्षेत्र की पत्थर इकाइयों पर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। पत्थर प्रोसेसिंग इकाइयों में उत्पादन ठप होने की आशंका है।

ऐसे आए चपेट में

राजस्थान सरकार ने 1 जनवरी 2018 को खदानों से ट्रकों के माध्यम से कोटा स्टोन की निकासी ई रवन्ने से कराने के आदेश निकाले थे। पत्थर भरे वाहन की तुलाई नांके पर लगे तौल कांटे पर हुई तो रवन्ना ऑनलाइन फीड क्षमता के हिसाब से निकलने लगा। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से रिकॉर्ड परिवहन विभाग में दर्ज हो गया। रामगंजमंडी क्षेत्र की खदानों से पत्थर ढ़ुलाई करने वाले ट्रकों की भार क्षमता 9 टन है लेकिन इनमे 12 से 15 टन की निकासी हुई। इसी तरह, स्टाकों से पत्थर परिवहन करने वाले जिन ट्रकों की क्षमता 16 टन है उनमें 25 से 30 टन पत्थर का परिवहन हुआ। लिहाजा वे भी जुर्माना श्रेणी में शामिल हो गए। परिवहन विभाग ने इसी को आधार मानकर ऐसे ट्रक मालिकों के खिलाफ जुर्माना राशि निकालकर नोटिस जारी कर दिए।

पत्थर स्टाकों पर सन्नाटा

क्षमता से अधिक पत्थर परिवहन कर चुके ट्रक मालिकों ने नोटिस प्रक्रिया को देखते हुए पत्थर स्टाकों से निकासी का कार्य पूर्णतय बंद कर दिया है। आने वाले दिनों में कोटा स्टोन आए इस संकट का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में बेरोजगारी का खतरा बढ़ जाएगा।

यूनियन व अफसर आमने सामने
सरकार ने धोखे में रखा: कोटा स्टोन लोकल ट्रक यूनियन
के अध्यक्ष कमल पारेता का कहना है कि ई रवन्ना जारी करते समय सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि खदानों से पत्थर का परिवहन करने वाले ट्रक ओवरलोडिंग की श्रेणी में शामिल होंगे। सरकार यह स्पष्ट कर देती तो ट्रक मालिक क्षमता से ज्यादा पत्थर का परिवहन नहीं करते। पुराने रिकॉर्ड खंगालकर ट्रक मालिकों पर जुर्माना राशि आरोपित करना तर्कसंगत नहीं है।

हो नोटिस दिए, लॉक करेंगे: जिला परिवहन अधिकारी महावीर प्रसाद पंचोली का कहना है कि रामगंजमंडी तहसील क्षेत्र में 600 ट्रक मालिकों को विभाग की तरफ से नोटिस जारी करते हुए 10 दिन में जुर्माना राशि अदा करने को कहा है। राशि जमा नहीं कराने वाले ट्रकों का पंजीयन लॉक कर दिया जाएगा। जुर्माना राशि का आधार दिसम्बर 2018 तक ओवरलोडिंग को माना गया है। दस दिन में जुर्माना राशि जमा कराने वाले ट्रक मालिकों को सरकार की तरफ से छूट दी जाएगी।

Published on:
11 Mar 2019 07:30 am