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राजस्थान में कच्ची घाणी के नाम पर बेच रहे थे रिफाइंड ऑयल, टीम ने छापा मारा तो कोल्हू मिला ही नहीं

कोटा में 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने रंगबाड़ी स्थित एक यूनिट पर छापा मारा। यहां कच्ची घाणी/वुड प्रेस्ड ऑयल के नाम पर रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल पैक कर ऑनलाइन बेचा जा रहा था। टीम ने मौके से 600 किलो रिफाइंड ऑयल और 240 बोतलों को सीज कर नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
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कोटा

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Arvind Rao

Sep 04, 2026

kota food safety

रिफाइंड तेलों की जांच करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम (पत्रिका फोटो)

कोटा: शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने गुरुवार को रंगबाड़ी स्थित एक तेल पैकिंग इकाई पर कार्रवाई करते हुए कोल्हू (कच्ची घाणी) अथवा वुड प्रेस्ड ऑयल के नाम पर रिफाइंड तेल की पैकिंग और बिक्री का मामला पकड़ा। टीम ने मौके से 600 किलो रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल और 240 लीटर क्षमता की श्री अनन्तम ब्रांड के नाम से पैक की जा रही वुड प्रेस्ड राइस ब्रान ऑयल की बोतलों को सीज किया है। इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचा जा रहा था।

कोटा सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के सुपरविजन में खाद्य सुरक्षा टीम ने मुखबिर की सूचना पर 3 सितंबर को रंगबाड़ी के कृष्णा नगर स्थित केशव एग्रो इंडस्ट्रीज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर विभिन्न रिफाइंड ऑयल ब्रांड के पीपे और वुड प्रेस्ड ऑयल के नाम से छपे रैपर व पैकिंग बोतलें मिलीं।

अधिकारियों के अनुसार, 15-15 किलो के 40 टिन में सर्वोत्तम ब्रांड का रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल रखा मिला। जिसका बाजार भाव करीब 170 रुपए प्रति किलो बताया गया। इसी तेल को श्री अनन्तम ब्रांड के नाम से एक-एक लीटर की बोतल में पैक कर वुड प्रेस्ड ऑयल के रूप में ऑनलाइन बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था। इसे करीब 350 रुपए प्रति लीटर में बेचा जा रहा था।

टीम को घाणी या कोल्हू नहीं मिला

टीम को मौके पर वुड प्रेस्ड सरसों तेल, अलसी तेल और तिल्ली तेल भी पैक अवस्था में मिला। इन सभी के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिए गए। विक्रेता ने सरसों, अलसी और तिल्ली का तेल बूंदी स्थित एक तेल मिल से खरीदना बताया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान वह इस संबंध में आवश्यक वैध बिल या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

टीम के अनुसार, परिसर में वुड प्रेस्ड ऑयल के नाम से पैकिंग की जा रही थी, लेकिन मौके पर किसी प्रकार की घाणी अथवा कोल्हू का संचालन नहीं पाया गया। विक्रेता को आगामी आदेश तक संबंधित गतिविधि नहीं करने के लिए पाबंद किया गया है।

नमूने लेकर भेजे

रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल और पैक की गई वुड प्रेस्ड राइस ब्रान ऑयल की बोतलों से एक-एक नमूना लिया गया। शेष 40 टिन और 236 पैक्ड बोतलों को सीज किया गया। इसके अलावा सरसों, अलसी और तिल्ली तेल के भी नमूने लिए गए है। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला कोटा भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

टीम ने इंदिरा विहार स्थित मेक्स फूड का भी निरीक्षण किया। यहां से दही, आटा और आयोडाइज्ड नमक के तीन नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान फूड हैंडलर्स के मेडिकल और पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट भी नहीं पाए गए। संस्थान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस दिए जा रहे हैं। निर्धारित कमियों की अनुपालना नहीं होने पर लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।