
कोटा . सहायक अग्निशमन अधिकारी अमजन खान को 7 हजार रुपए रिश्वत लेते पकडऩे वाले निजी स्कूल संचालक ने बताया कि उन्होंने 10 अप्रेल को एनओसी के लिए आवेदन किया था। उस समय कार्यालयकर्मी ने कहा कि अभी संजय जी नहीं हैं, एक दिन बाद आना। अगले दिन गए तो बताया कि अभी साब नहीं हैं, 8-10 दिन बाद आना। इसके बाद जब वे कार्यालय में गए तो वहां एक कर्मचारी ने कहा कि 30 अप्रेल तक काम हो जाएगा।
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30 अप्रेल को ही अमजद खान ने उन्हें फोन किया और उन्हें रेलवे अस्पताल के बाहर चाट के ठेलों के पास बुलाया। वहां उन्होंने पूछा कि पहली बार एनओसी बनवाई थी, उस समय राकेश जी को कितने दिए थे। जब मैंने कहा कि उस समय कुछ नहीं दिया तो खान ने कहा कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता। जब मैंने बच्चे की कसम खाई तो खान ने कहा कि आपके 15 हजार लगेंगे काम हो जाएगा।
यह रकम अधिक होने पर काफी मिन्नत की तो वह 7 हजार में राजी हुए। अगले दिन फिर उन्हें उसी जगह बुलाया, लेकिन रकम की व्यवस्था नहीं होने पर रकम नहीं दे सके। खान ने फिर 4 मई को बुलाया। चलती कार में रकम लेने के बाद उन्हें एनओसी का लिफाफा थमा दिया और कहा कि अगली बार फिर से जरूरत पड़ेगी। उस समय तो वे 2 हजार रुपए में ही काम कर देंगे।
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कई पीडि़त आए लेकिन शिकायत नहीं दी
एएसपी ने बताया कि पहले भी एक बिल्डर समेत कई लोग आए। जिन्होंने मौखिक रूप से कहा कि फायर एनओसी व भवन निर्माण स्वीकृति के लिए निगम में बिना रिश्वत दिए काम नहीं होता, लेकिन लिखित शिकायत नहीं दी। पहली बार परिवादी सामने आया है, लेकिन वह भी डरा हुआ है।
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25 लाख में लिया नया मकान
एसीबी के निरीक्षक हरिसिंह के नेतृत्व में अमजद खान के घर की तलाशी ली गई। खान के एक साल पहले ही पत्नी के नाम 25 लाख रुपए में नया घर खरीदा है, जिसके लिए 20 लाख का लोन लिया है, उसके कागजात मिले हैं। जेवर, 5600 रुपए, बच्चों की गुल्लक में 16 हजार व एक बाइक मिली है। बैंक लॉकर व कार संबंधी कोई दस्तावेज घर की तलाशी में नहीं मिले।