
कोटा। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने रिश्वत लेने के 12 साल पुराने मामले में मंगलवार को जैसे ही झालावाड जिले के गंगधार थाने के तत्कालीन एसआई को 5 साल कठोर कैद की सजा सुनाई तो बाहर आते ही उसने बड़ी मात्रा में अज्ञात गोलियां खा ली। चालानी गार्डों ने यह देख सतर्कता दिखाते हुए उसके मुंह में हाथ डालकर गोलियां निकालने की कोशिश की तो उसने एक सिपाही का अंगूठा ही चबा लिया। इससे अदालत परिसर में हंगामा मच गया। बाद में आरोपित को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
चौमेला निवासी शौकत अली ने 6 सितम्बर 2006 को एसीबी झालावाड में शिकायत दी थी। जिसमें कहा था कि उसकी सीमेंट की दुकान है। गंगधार थाने के उप निरीक्षक फतेहसिंह ने उन्हें थाने बुलाया और 50 हजार रुपए की मांग की। रुपए नहीं देने पर उन्हें अफीम के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद से ही थाने का सिपाही हर विरेन्द्र सिंह रुपए लेने के लिए उनके चक्कर लगा रहा है। इस बारे में जब उसने अपने भाई शराफत अली को बताया तो उन्होंने एसआई से बात की और खूब हाथाजोड़ी की।
इसके बाद वह 20 हजार रुपए में राजी हुआ। ये रुपए लेने के लिए सिपाही हरविरेन्द्र सिंह ने उसके भाई शराफत अली को नगजीवन की पान की दुकान पर बुलाया था। 7 सितम्बर को जब शराफत अली रुपए देने दुकान पर गया तो नगजीवन ने उससे रुपए ले लिए। लेकिन सिपाही को भनक लगने पर वह मौके से भाग गया था। एसीबी ने रकम के साथ दुकानदार नगजीवन को पकड़ा और टीम उसे लेकर ने गंगधार थाने गई वहां से एसआई फतेहसिंह को और सिपाही हरविरेन्द्र सिंह को भी पकड़ा। एसीबी ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
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सहायक निदेशक अभियोजन एहसान अहमद ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। अदालत ने रिश्वत लेने व धमकाने का दोषी पाए जाने पर आरोपित गंगधार थाने के एसआई व बांसवाड़ा के बस्सी चंदनसिंह निवासी फतेहसिंह को 5 साल कठोर कैद व 50 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। जबकि अन्य दोनों जनों सिपाही व दुकानदार को संदेह के लाभ में दोषमुक्त कर दिया।
सिपाही का अंगूठा चबा गया
चालानी गार्ड इंचार्ज एएसआई युद्धवीर सिंह ने बताया कि अदालत ने सजा सुनाने के बाद आरोपित फतेहसिंह को चालानी गार्ड के हवाले कर दिया। गार्ड उसे बैरक की तरफ ले जाने के लिए उसकी तलाशी लेने लगे तो उसने पेंट की जेब से अज्ञात गोलियां निकाली और खा गया। यह देख चालान गार्ड हरकत में आ गए। सिपाही देवकरण ने उसके मुंह में हाथ डालकर गोलियां निकालने की कोशिश की तो उसने देवकरण का अंगूठा ही चबा लिया। इस पर दूसरे सिपाहियों ने उसे बड़ी मुश्किल से छुड़ाया। तलाशी लेने पर उसने पेंट के अंदर और भी गोलियां छिपाकर रखी हुई थी। जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके बाद उसे बैरक लेकर गए। सिपाही देवकरण को एमबीएस अस्पताल ले जाकर तुरंत इंजेक्शन लगवाया और पट्टी बंधवाई। इस पूरे घटनाक्रम से न्यायाधीश को भी अवगत कराया गया।