
कोटा/बूंदी. कोटा नगर विकास न्यास के अधिकार क्षेत्र में अधिग्रहण की गई जमीन के बदलने जमीन देने के मामले में बूंदी एसीबी टीम ने भ्रष्टाचार के आरोप में दो दलालों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में 20 लाख रुपए के लेन-देन की पुष्टि हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से दो दिन के रिमांड पर सौंप दिया गया। एसीबी जयपुर द्वितीय में दर्ज हुई प्राथमिकी पर दलाल कंवलजीत सिंह राणावत व अन्य के बीच हुई बातचीत को आधार बनाकर जांच शुरू हुई है।
यह है मामला
जांच के दौरान मिले दस्तावेज और दलालों के बीच हुई बातचीत में पाया कि नान्ता क्षेत्र में कृषि भूमि 3.33 हैक्टेयर का मूल खातेदार खेमचंद माली था। जिससे नगर विकास न्यास ने 25 सितम्बर 2013 को आवासीय योजना के तहत अवाप्त कर अवार्ड की घोषणा कर दी। इस जमीन को महेश मेघानी, निरंजन मेघानी, लोकेश मित्तल एवं रामगोपाल सुमन ने 19 मई 2015 को खातेदार खेमचंद के जरिए विक्रय पत्र खरीद कर राजस्व रिकार्ड में अपने नाम दर्ज करवा ली। इसके बाद उक्त जमीन के बदले दूसरी जगह विकसित जमीन लेने के लिए 16 अगस्त 2016 को यूआईटी में आवेदन किया। तत्कालीन सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारी ने नियम विरुद्ध उक्त आवेदन को नगरीय विकास विभाग जयपुर को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया।
एेसे आगे बढ़ी गड़बड़झाले की फाइल
यह पत्र नगरीय विकास विभाग जयपुर में लंबित था। इस बीच दलाल और अन्य लोग लगातार सम्पर्क में रहे। बातचीत में यह भी स्पष्ट हुआ कि महेश मेघानी, कंवलजीत सिंह राणावत के सम्पर्क में था। 19 मार्च 2018 को महेश मेघानी ने कंवलजीत सिंह के अलग-अलग बैंक खातों में 20 लाख रुपए जमा कराए। एसीबी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि महेश ने कंवलजीत व अन्य व्यक्तियों के बीच बातचीत कर अवैध कार्य कराने के लिए दलाल के रूप में रिश्वत के लाखों रुपए दिए। इसके लिए नगरीय विकास विभाग जयपुर व यूआईटी कोटा के लोकसेवकों की भी आपसी मिलीभगत उजागर हुई।
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आमना-सामना कराया तो 20 लाख लेना कबूला
ब्यूरो ने कोटा सुभाषनगर निवासी महेश मेघानी, वैशाली नगर जयपुर निवासी कंवलजीत सिंह, नरसी, नगरीय विकास विभाग जयपुर एवं यूआईटी के अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले में महेश मेघानी व कंवलजीत को आमने-सामने कराया तो महेश ने अपने कार्य के बदले 20 लाख रुपए का लेन देन कंवलजीत के माध्यम से कराने की बात कही। इन्हें बुधवार को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर बूंदी के उपअधीक्षक तरुणकांत सोमाणी कर रहे हैं।