
कोटा. विधायक भवानीसिंह राजावत ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में चन्द्रलोई नदी के आसपास मगरमच्छों का जबर्दस्त आतंक है। बुधवार को हाथीखेड़ा गांव के एक किसान का मगरमच्छ ने पैर चबाकर उसे हमेशा के लिए विकलांग कर दिया। यह घटना झकझौर देने वाली है।
पूर्व में भी मगरमच्छों ने इस क्षेत्र में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। इससे लोगों भय व्याप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि या तो चन्द्रलोई नदी से मगरमच्छों को निकालकर समुन्द्र में डाल दें या फिर किसानों को उन्हें मारने की छूट दे दी जाए।
कब तक लोग मगरमच्छों का शिकार होते रहेंगे। छूट मिल जाए तो एक भी जिंदा नहीं बचेगा।इस नदी में तीन हजार से अधिक मगरमच्छ हैं। मगरमच्छ नरभक्षी हो गए हैं।
गौरतलब है कि चन्द्रलोई नदी में हजारों की संख्या में मगरमच्छ हैं। इनके आतंक से लोगों ने नदी की तरफ जाना कम कर दिया है। इससे पहले भी चन्द्रेसल निवासी मंगलेश नागर पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। इस कारण उसका हाथ खराब हो गया। नागर ने बताया कि वह दोस्तों के साथ चन्द्रलोई नदी में नहा रहा था।
तभी मगरमच्छ ने उसका हाथ पानी के अंदर खींच लिया। दोस्तों ने उसे जैसे-तैसे बचाया। खेडली पाड्या गांव की एक महिला नदी पर कपड़े धो रही थी। उसका पैर भी मगरमच्छ ने पकड़ लिया और वह खराब हो गया। कुछ दिन पूर्व राम खेड़ली में एक भैंस का पैर मगरमच्छ चबा गया।
मगरमच्छों के आतंक को रोकने के लिए प्रशासन के पास कोई समाधान नहीं है। ग्रामीण आवासीय क्षेत्र में नदी किनारे दीवार बनाने की मांग कर रहे हैं।