कोटा

लगातार दूसरे दिन पार्टी के गढ़ में भाजपा को लगा बड़ा झटका, गुटबाजी से बड़ा नुकसान

गुटबाजी और लचर रणनीति की वजह से दोनों मोर्चो पर पार्टी कमजोर नजर आई
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Mar 15, 2019
kota news
लगातार दूसरे दिन पार्टी के गढ़ में भाजपा को लगा बड़ा झटका..दोनों जगह मुंह की खानी पड़ी

कोटा. चुनावों से ठीक पहले भाजपा का गढ़ माने जाने वाले हाड़ौती में पार्टी को लगातार दूसरे दिन कांग्रेस की रणनीति से मात खानी पड़ी है। गुरूवार को रावतभाटा कस्बे में पालिका अध्यक्ष का चुनाव बहुमत के बाद पार्टी हार गई वहीं बूंदी में कांग्रेस प्रधान की कुर्सी बचाने में कामयाब रही। बूंदी पंचायत समिति प्रधान की कुर्सी को लेकर अविश्वास का प्रस्ताव शुक्रवार को कोरम के अभाव में गिर गया। ऐसे में कांग्रेस की मधु वर्मा ही बूंदी प्रधान की कुर्सी पर बनी रहेंगी।


वहीं रावतभाटा में 25 में से 15 पार्षदों के साथ भाजपा के वर्चस्व वाले नगरपालिका बोर्ड में गुरुवार को हुए उपचुनाव में कांग्रेस के धर्मेन्द्र तिल्लानी अध्यक्ष निर्वाचित हो गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अनुसुइया नागर को 13 मतों से हराया। तिल्लानी नगरपालिका के 20 वें अध्यक्ष हैं। पूर्व पालिकाध्यक्ष बंशीलाल प्रजापत ने पिछले दिनों विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को लेकर उठे सवालों के बीच इस्तीफा दे दिया था।

गुटबाजी और क्रॉस वोटिंग का नतीजा पालिका बोर्ड में कुल 25 पार्षदों में से 15 भाजपा, 7 कांग्रेस व 3 निर्दलीय हैं। मतों की संख्या का आंकड़ा तो भाजपा पार्षदों का ज्यादा है। लेकिन भाजपा पार्षदों में लंबे समय से चल रही खींचतान के चलते 9 भाजपा के पार्षदों ने भाजपा के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी को मत दिया। जबकि मतदान स्थल पर 15 में से 9 भाजपा पार्षद मतदान करने एकसाथ गए थे।


यहां तो भाजपाई भी नहीं आए
वहीं बूंदी प्रधान के खिलाफ सौंपे अविश्वास प्रस्ताव के पत्र पर आठ सदस्यों के हस्ताक्षर थे, जिनमें छह सदस्य भाजपा के थे। यह छह सदस्य भी अविश्वास को लेकर हुई बैठक में नहीं पहुंचे। वहीं कांग्रेस के प्रेमशंकर वर्मा व सूरज सिंह मीणा भी बैठक में नहीं आए। इस बात की बैठक के बाद पंचायत समिति में खासी चर्चा रही।

12 सदस्यों की थी जरूरत
अविश्वास के लिए 15 में से 12 सदस्यों की जरूरत थी। प्रस्ताव सौंपने के लिए कलक्ट्रेट में 7 सदस्य एकत्र हुए थे। जबकि कांग्रेस के पास कुल 9 सदस्य हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि भाजपा के सहयोग से अविश्वास के प्र्रस्ताव को पारित कर देंगे, लेकिन ऐनवक्त पर बाजी पलट गई।

...तो लगाए नारे
प्रधान की कुर्सी बचते ही बड़ी संख्या में समर्थक और सरपंच भी पंचायत समिति भवन के बाहर पहुंच गए। उन्होंने प्रधान के पक्ष में नारे लगाए। इस दौरान सरपंच संघ के अध्यक्ष करण सिंह, कांग्रेस के बूंदी ब्लॉक अध्यक्ष चेतराम मीणा, भैरूपुरा बरड़ सरपंच शिवराज गुर्जर, हट्टीपुरा सरपंच बिरधीलाल रैगर, हरलाल गुर्जर, सुरेश मीणा मौजूद थे।

Updated on:
15 Mar 2019 08:08 pm
Published on:
15 Mar 2019 08:08 pm