
कोटा बैराज का फाइल फोटो-पत्रिका
MP Release Water From Gandhi Sagar Dam: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद MP सरकार राजस्थान को चंबल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर से सिंचाई के लिए पानी देने को राजी हो गई। राजस्थान में सिंचाई के लिए 2200 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। धीरे-धीरे छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद कोटा सीएडी प्रशासन ने बाईं मुख्य नहर में 100 क्यूसेक जल प्रवाह शुरू कर दिया। दाईं मुख्य नहर में शनिवार को पानी छोड़ा जाएगा। दोनों नहरों से कोटा, बूंदी और बारां जिले के किसानों को धान और खरीफ की फसलों के लिए पानी मिलेगा।
कोटा-बूंदी के किसानों ने शुक्रवार सुबह कैम्प कार्यालय में लोकसभा अध्यक्ष से धान व खरीफ की फसलों के लिए गांधी सागर बांध से पानी दिलवाने का आग्रह किया। किसानों ने बिरला से अनुरोध किया कि आपके प्रयासों से खेतों में फसलें सूखने से बच सकती हैं। कई जगह पर्याप्त पानी नहीं होने से बुवाई तक नहीं हो पाई है। बिरला ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और सिंचाई मंत्री से बात कर किसानों के हित में गांधी सागर से पानी छोड़ने को कहा।
मध्यप्रदेश सरकार ने कहा कि इस बार गांधी सागर बांध में अधिशेष पानी नहीं है। इस कारण जल प्रवाह करने में परेशानी है। इस पर बिरला ने किसानों के हित को सर्वोपरि बताते हुए पानी छोड़ने को कहा। इस पर मध्यप्रदेश सरकार ने जल प्रवाह करने पर सहमति दे दी। इसके तुरंत बाद मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने कोटा सीएडी के अधिकारियों से सम्पर्क किया और शाम को गांधी सागर बांध से जल प्रवाह शुरू कर दिया। बाईं मुख्य नहर में 1500 क्यूसेक तथा दाईं मुख्य नहर में 4500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित है।
राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार के अंक में राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच गांधी सागर बांध से पानी छोड़ने को लेकर विवाद का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि मध्यप्रदेश सरकार ने गांधी सागर बांध से पानी देने से हाथ खड़े कर दिए। किसानों ने पत्रिका के समाचारों की कटिंग लेकर सुबह लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर गांधी सागर बांध से जल प्रवाह शुरू करवाने का अनुरोध किया।
किसान लगातार नहरों में जल प्रवाह की मांग कर रहे थे, हम मध्यप्रदेश के अधिकारियों से लगातार पत्राचार कर रहे थे, लेकिन वह पानी देने को तैयार नहीं हो रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों से मध्यप्रदेश पानी देने को तैयार हुआ है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
संजय सिंह, अधीक्षण अभियंता, सीएडी कोटा
Updated on:
11 Jul 2026, 7:26 AM IST
Published on:
11 Jul 2026, 7:24 AM IST
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