कोटा

मंत्री वर्मा मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते है लेकिन जनता और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा भारी पड़ी

वर्मा 2003 में भी यहां से विधायक थे और मंत्री बने थे।  
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Nov 14, 2018
kota news
भाजपा ने काटा इस दिग्गज मंत्री का टिकट, अब वजह आई सामने

कोटा। केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक और कैबिनेट मंत्री बाबूलाल वर्मा को क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा भारी पड़ गई है। वर्मा क्षेत्र में सक्रिय तो रहे,लेकिन जन समस्याओं को हल करवाने में नाकाम रहे। इस कारण क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता नाराज थे। पार्टी के अंदरूनी सर्वे में भी वर्मा पिछड़ रहे थे। वर्मा मुख्मंत्री के करीबी माने जाते हैं। वर्मा की जगह रामगंजमंडी की मौजूदा विधायक चन्द्रकांता मेघवाल को मौका दिया गया है। इस सीट पर मेघवाल मतदाता निर्णयक माने जाते हैं। इस कारण पार्टी ने मेघवाल प्रत्याशी पर दावं खेला है।

वर्मा 2003 में भी यहां से विधायक थे और मंत्री बने थे। 2013 में भी यहां से विधायक बने और मौजूदा सरकार में केबिनेट मंत्री है। क्षेत्र की जनता का कहना है कि वर्मा मंत्री रहने के बाद भी क्षेत्र की समस्याओं का हल नहीं करवा पाए और कार्यकर्ता कोई भी मांग लेकर जाते थे उनके साथ भी बेरूखी भरा व्यवहार किया जाता था। इस बारे में कार्यकर्ताओं ने वर्मा की कार्यशैली को लेकर कई बार पार्टी हाईकमान को भी शिकायत की थी। वर्मा के प्रति लोगों का आक्रोश इस तरह देखा गया कि जब वह क्षेत्र में दौरे पर गए तो लोग विरोध में खड़े हो गए।

इन्द्रगढ़ में एक कार्यक्रम में तो कार्यकर्ताओं के विरोध पर पुलिस तक बुलानी पड़ी थी। चन्द्रकांता मेघवाल का रामगंजमंडी से टिकट काटने के बाद उन्हें एडजस्ट भी करना था। मेघवाल कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला के खेमे से आती है। हालांकि वर्मा और राज्य सफाई आयोग के अध्यक्ष गोपाल पचेरवाल को मनाना अब पार्टी के लिए चुनौतीभरा काम रहेगा।

डग से कालुलाल को मिला टिकट
डग से रामचंद्र सुनारीवाल का टिकट काटकर कालुलाल मेघवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। दूसरी सूची के बाद अब हाड़ौती की 17 में से 13 सीटों पर स्थिति साफ हो चुकी है वहीं लाडपुरा, हिंडोली, बारां और पीपल्दा सीट पर इंतजार बढ़ गया है।

Updated on:
14 Nov 2018 09:49 pm
Published on:
14 Nov 2018 09:47 pm