
रावतभाटा नगर पालिका अध्यक्ष उपचुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अनुसुइया नागर के विरुद्ध मतदान करने वाले छह पार्षदों को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष रतनलाल गाडरी ने बताया कि अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी के विरुद्ध मतदान करने वाले पार्षद जाकिर हुसैन, हेमंत राठौड़, कमलेश बैरवा, सत्यनारायण बुनकर, मीना वानखेडे, आरती बलसोरी को प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया है । गौरतलब है कि बेगूं विधानसभा क्षेत्र में शामिल रावतभाटा नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्ष पद के उपचुनाव में पार्षद दल में भाजपा का बहुमत होते हुए कांग्रेस प्रत्याशी धर्मेन्द्र तिल्लानी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अनुसुइया नागर को 13 मतों से हराया। कांग्रेस के धर्मेन्द्र को 19 तो भाजपा की अनुसुइया को 6 मत प्राप्त हुए। पालिका के 25 पार्षदों में से 15 भाजपा के हैं।
गुरुवार को हुए उपचुनाव में कांग्रेस के धर्मेन्द्र तिल्लानी अध्यक्ष निर्वाचित हो गए। । भाजपा पूर्व पालिकाध्यक्ष बंशीलाल प्रजापत ने पिछले दिनों विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को लेकर उठे सवालों के बीच इस्तीफा दे दिया था।
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विधानसभा चुनावों के वक्त संभल जाते तो यह नहीं होता..
रावतभाटा नगरपालिका में भाजपा का बहुमत होने के बावजूद पालिकाध्यक्ष के उपचुनाव में पार्टी के आधे से ज्यादा पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने से कांग्रेस के जीतने पर भाजपा में अन्दरूनी खींचतान तेज हो गई है।बेगूं के पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ ने पार्टी जिला संगठन की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भितरघात करने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई हो जाती तो रावतभाटा नगरपालिका में कांग्रेस अध्यक्ष निर्वाचित नहीं हो पाता।